
राज्य आंदोलनकारी पूर्व सैनिकों को भी पूर्व की तरह पेंशन दे सरकार:उक्रांद
संक्षेप: उत्तराखंड क्रांति दल कार्यकर्ताओं ने बैठक कर राज्य के स्थापना के रजत जयंती वर्ष को लेकर व्यापक विचार-विमर्श किया। कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार पर उत्त
खटीमा। उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) कार्यकर्ताओं ने राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष को लेकर तहसील परिसर में बैठक कर सरकार पर आंदोलनकारियों की उपेक्षा का आरोप लगाया। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष राम सिंह धामी ने की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अपने वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को दलगत राजनीति के तहत लोकतंत्र सेनानी का दर्जा देकर उन्हें बीस हजार रुपये मासिक सम्मान पेंशन दे रही है, जबकि जिन्होंने पृथक राज्य आंदोलन के दौरान संघर्ष किया, जेलें भरीं और अपार कष्ट सहे, उन राज्य आंदोलनकारियों को आज भी उनका हक नहीं मिला है। धामी ने कहा कि राज्य की पहचान और भाजपा की सत्ता, दोनों में आंदोलनकारियों का बड़ा योगदान रहा है, परंतु सरकार उन्हें सम्मान देने में लगातार उपेक्षा बरत रही है।

उक्रांद ने मांग की कि चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों को “राज्य निर्माण सेनानी” का दर्जा दिया जाए, उन्हें लोकतंत्र सेनानियों की तर्ज पर पेंशन दी जाए, उनके चिन्हीकरण की नीति स्पष्ट की जाए और पूर्व सैनिक राज्य आंदोलनकारियों को भी पूर्व की तरह पेंशन बहाल की जाए। साथ ही राज्य निर्माण सेनानियों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने की मांग की गई। बैठक में शिवशंकर भाटिया, विनोद राजपूत, कमल सिंह बिष्ट, गोविंद बिष्ट, शहाबुद्दीन अंसारी, कैलाश भट्ट, विवेक कुमार, पंकज सिंह मनौला, होशियार सिंह धामी, योगेश बोरा, विनीता देवी व बन्नो शर्मा आदि उपस्थित रहे।

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