बाघ के हमले में हाथी के चार माह के बच्चे की मौत
संक्षेप: खटीमा वन रेंज के हाथी कॉरिडोर में बाघ के हमले से चार माह के नर हाथी के बच्चे की मौत हो गई। ग्रामीणों ने वन विभाग को घटना की सूचना दी। पशु चिकित्सकों ने शव का पोस्टमार्टम किया और उसे दफना दिया। क्षेत्र में बाघ का हमला दुर्लभ बताया जा रहा है।
खटीमा, संवाददाता। सीमांत क्षेत्र खटीमा वन रेंज के अंतर्गत हाथी कॉरिडोर क्षेत्र में बाघ के हमले से चार माह के नर हाथी के बच्चे की मौत हो गई। घटना की जानकारी ग्रामीणों ने वन विभाग को दी। इसके बाद विभागीय टीम मौके पर पहुंची। दो पशु चिकित्सकों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। एसडीओ संचिता वर्मा ने बताया कि रविवार देर शाम घास काटने गए ग्रामीणों ने हाथी के चार माह के बच्चे (कलभ) की मौत की सूचना दी थी। सोमवार को उनके निर्देश पर वनकर्मी और पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचे। विभाग के पशु चिकित्सक डॉ.आरआर चंदोला, डॉ.एमएस मलिक, प्रशिक्षु पशुधन प्रसार अधिकारी महेश राजपूत और मदन लाल ने पोस्टमार्टम कर शव को वहीं दफना दिया।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, शव कक्ष संख्या 8 में मिला है, जो लगभग दस दिन पुराना प्रतीत होता है। बताया जा रहा है कि झुंड के साथ चल रहे हाथी के बच्चे पर बाघ ने हमला किया था। घटनास्थल पर आपसी संघर्ष के निशान और पेड़ों की टूटी टहनियों के प्रमाण मिले हैं। बच्चे की गर्दन पर बाघ के पंजों के निशान स्पष्ट दिखाई दे रहे थे। बताया कि क्षेत्र में हाथियों की नियमित आवाजाही रहती है, ऐसे में बाघ का हमला दुर्लभ घटना है। टीम ने आसपास के क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियों की निगरानी बढ़ा दी है। घटनास्थल पर निगरानी के लिए वनकर्मियों को तैनात किया गया है। पूरी कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम में चकरपुर बीट इंचार्ज उत्तम सिंह राणा, मनोज ठुकराठी, दीपक कश्यप और गंगाराम मौजूद रहे।

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