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सुंदर नगर की वन भूमि पर बसे काश्तकारों के चिन्हींकरण से ग्रामीणों में हड़कंप

भारत-नेपाल के बीच आयात निर्यात सुगम बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा नेपाल सीमा पर ड्राइपोर्ट ( सूखा बंदरगाह ) बनाया जा रहा है। इसके लिए बनबसा, झप्पू झाला, सुंदर नगर में जमीन प्रस्तावित की गयी है। सुंदर नगर के ग्रामीणों ने राइट्स लिमिटेड द्वारा सर्वे किए जाने का विरोध किया था। वहीं वन विभाग वहां काबिज काश्तकारों का चिन्हीकरण कर रहा है। एसडीओ वन बाबू लाल ने बताया कि खटीमा रेंज के प्रस्तावित झप्पू झाला में आरक्षित वन क्षेत्र है। यहां जंगल की अधिकता होने के कारण प्रस्तावित जगह की केंद्र से स्वीकृति मिलना संभव नहीं है। ऐसे में इसके लिए सुंदर नगर जगह प्रस्तावित की गयी है। उन्होंने कहा कि इस जगह पर केवल दो काश्तकारों की झोपड़ियां है। वन विभाग यहां वन भूमि पर खेती कर रहे काश्तकारों का चिन्हीकरण कर रहा है।

बता दें की यहां काबिज रामानंद, बब्बन राय, अनिरुद्ध, विरेंद्र शाही, सच्चिदानंद, रामलाल, दुल्ला, रामप्रकाश, बृजलाल आदि ने यहां हो रहे सर्वे का यह कहकर विरोध किया था कि वह लोग यहां 1960 से काबिज काश्त हैं। 1385 फसली में यह जमीन राजस्व की है। काश्तकारों ने यह कह कर विरोध किया था कि जब तक आचार संहिता लगी है। यहां सर्वे नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने हटाए जाने से पहले मुआवजा व विस्थापित किए जाने की मांग की थी।

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  • Web Title:The villagers stirred up the hillocks of the beautiful town s forest dwellers