DA Image
23 फरवरी, 2020|5:58|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

तहसीलदार को धमकी देने के मामले में एसडीएम ने बार एसोसिएशन से की बात

advocate

तहसीलदार को न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए जान से मारने की धमकी देने के मामले में कोतवाली में दर्ज मुकदमे में पुलिस जांच कर रही है। गुरुवार को अधिवक्ता केडी पांडे ने साम को साढ़े सात बजे फोन कर  तहसीलदार मजिस्ट्रेट के न्यायालय में वर्ष 2017-18 में चल रहे वाद जो वर्तमान में न्यायालय में गतिमान है। इस वाद में दोनो पक्षो के लिखित बहस 3 सितंबर को हुई थी। बहस के उपरांत 17 सितंबर को आदेश हेतु नियत है। उक्त वाद के आपत्तिकर्ता के अधिवक्ता केडी पांडे द्वारा 12 सितंबर को सायं 7.30 बजे के बाद मोबाइल फोन से धमकी देकर वाद पत्रावली अपने पक्ष में करने हेतु धमकी देकर दबाव बनाया गया। कहा गया कि  अगर मेरे पक्ष में फैसला नहीं दिया गया तो में तुम्हे देख लूंगा कह जान से मारने की धमकी दी गई।उसके बाद रात 10 बजे से 10.12 मिनट तक 12 कॉल आरोपी द्वारा की गई। यह कॉल भय की वजह से मेरे द्वारा नहीं उठाई गई।आरोपी द्वारा न्यायिक कार्यो को प्रभावित करने व बाधा पहुंचाने का  प्रयास किया गया। तहसीलदार की तहरीर पर शुक्रवार की देर सायं मुकदमा पंजिकृत कर दिया गया। इस मामले में एसएसआई देवेंद्र गौरव ने बताया कि धारा 186,189,504,506 के तहत मुकदमा पंजिकृत किया गया है। इस मामले की जांच की जा रही है।


इधर एसडीम निर्मला बिष्ट ने अधिवक्ता एसोसिएशन के अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे घटनाकृम की जानकारी दी। अधिवक्ता पांडे द्वारा फोन पर दी गई धमकी की ओडियो क्लिप सुनाई गई। क्लिपिंग सुनने के बाद एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश चंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि पीठासीन को फोन पर धमकाने वाले जैसा अपराध करने वाले व्यक्ति के साथ वह बार नहीं है बार ने कभी ऐसे लोगो को समर्थन नहीं किया है। यहां टीएस जेठी मोहन सिंह चौहान, आईएनएस मेहता जैसे अधिवक्ता मौजूद थे।
 

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:sdm interacts with bar association members over sdm threatening case in rudrapur