बोले रुद्रपुर : रोडवेज बस स्टैंड पर अव्यवस्थाएं हावी, यात्री परेशान
रुद्रपुर रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों को गंदगी, शौचालयों की खराब स्थिति और पेयजल संकट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। नियमित सफाई की कमी, शौचालयों में गंदगी और पानी की कमी से यात्रियों का यात्रा अनुभव प्रभावित हो रहा है। नया बस अड्डा वर्षों से अधूरा है, जिससे समस्याएं और बढ़ गई हैं।
रुद्रपुर रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों को लंबे समय से गंदगी और शौचालय की गंभीर समस्या झेलनी पड़ रही है। बस स्टैंड परिसर में नियमित सफाई न होने से हर ओर कूड़ा व दुर्गंध का माहौल बना रहता है। प्रतीक्षालय व प्लेटफॉर्म के आसपास साफ-सफाई की कमी साफ दिखाई देती है। इसका सीधा असर यात्रियों के स्वास्थ्य व यात्रा अनुभव पर पड़ रहा है। शौचालयों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। स्वच्छता का अभाव नजर आता है और उपयोग के लिए यात्रियों से शुल्क लिया जाता है। इसके बावजूद सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। महिलाओं, बुजुर्गों व बच्चों के लिए यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
कई यात्रियों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें खराब स्थिति वाले शौचालयों का उपयोग करना पड़ता है। इन प्रमुख समस्याओं के साथ अन्य दिक्कतें भी जुड़ी हैं। प्रतीक्षालय में बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं है। विकलांग यात्रियों के लिए सुविधाएं सीमित हैं। लावारिस कुत्तों की मौजूदगी से भी यात्री खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए सुरक्षा के ठोस इंतजाम नजर नहीं आते हैं। रात के समय रोशनी की कमी के कारण यात्रियों में असुरक्षा की भावना बनी रहती है। विशेष रूप से महिलाएं व बुजुर्ग खुद को असहज महसूस करते हैं। बसों में चढ़ते-उतरते समय अव्यवस्था के हालात बनते हैं। इससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। टिकट काउंटरों पर अनियमितता के कारण यात्रियों को जानकारी के लिए भटकना पड़ता है। बसों के समय व रूट की स्पष्ट सूचना समय पर नहीं मिल पाती। इससे कई यात्रियों की बस छूट जाती है। माइक के माध्यम से घोषणाा का अभाव भी है। बाहरी यात्रियों के लिए यह स्थिति अधिक कठिन हो जाती है। ऐसे में उन्हें सही जानकारी के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है। बसों की हालत भी यात्रियों के अनुभव को प्रभावित कर रही है। ठंड के मौसम में कई बसों में ब्लोअर की व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। खिड़कियों व दरवाजों की खराब स्थिति के कारण ठंडी हवा भीतर आती रहती है। इससे लंबी दूरी की यात्रा असहज हो जाती है। इसके साथ ही रुद्रपुर में नए रोडवेज बस अड्डे का निर्माण वर्षों से अधूरा पड़ा है। यात्रियों को उम्मीद थी कि नए बस अड्डे के शुरू होने से सुरक्षा, सेवा व सुविधाओं में सुधार होगा। पुराने बस स्टैंड पर लगातार बढ़ते यात्री दबाव के बावजूद सुविधाओं का विस्तार नहीं हो सका है। यात्रियों का मानना है कि यदि सुरक्षा व्यवस्था, सेवा प्रणाली व नए बस अड्डे के निर्माण पर गंभीरता से काम किया जाए तो रुद्रपुर रोडवेज पर यात्रियों का भरोसा फिर से मजबूत हो सकता है। प्रस्तुति : संजय कनेरा गंदगी और दुर्गंध ने बिगाड़ी रोडवेज बस स्टैंड की सूरत : रुद्रपुर रोडवेज बस स्टैंड पर गंदगी व दुर्गंध यात्रियों के लिए एक बड़ी समस्या बनी हुई है। बस स्टैंड परिसर में नियमित साफ-सफाई न होने से हर ओर कूड़ा करकट फैला रहता है। प्रतीक्षालय, प्लेटफार्म व आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध के कारण यात्रियों को बैठना तक मुश्किल हो जाता है। रोजाना सैकड़ों यात्रियों की आवाजाही के बावजूद स्वच्छता व्यवस्था पर कोई ठोस निगरानी दिखाई नहीं देती। बस स्टैंड पर पड़े कूड़े व गंदगी से न केवल वातावरण खराब हो रहा है, साथ ही यात्रियों को मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ता है। गंदगी के बीच बच्चों व बुजुर्गों का इंतजार करना और भी कठिन हो जाता है। कई यात्रियों का कहना है कि साफ सफाई कर्मियों की संख्या कम होने के कारण कूड़ा लंबे समय तक पड़ा रहता है। स्टेशन परिसर में कूड़ेदानों की कमी भी समस्या को बढ़ा रही है। जहां कूड़ेदान हैं वहां समय पर कूड़ा उठान नहीं होता। इससे दुर्गंध फैलती है और यात्रियों को नाक पर कपड़ा रखकर गुजरना पड़ता है। यात्रियों का कहना है कि रोडवेज बस स्टैंड शहर का प्रमुख परिवहन केंद्र है, पर इसकी स्थिति किसी उपेक्षित स्थान जैसी हो गई है। साफ सफाई की अनदेखी से रोडवेज की छवि भी प्रभावित हो रही है। लोगों ने मांग की है कि बस स्टैंड पर नियमित सफाई व्यवस्था लागू की जाए। कूड़ा उठान की समय सारिणी तय हो और सफाई कार्य की निगरानी जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से की जाए। इससे यात्रियों को राहत मिलेगी व बस स्टैंड का माहौल सुधर सकेगा। शौचालय व्यवस्था बदहाल, यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ : रुद्रपुर रोडवेज बस स्टैंड पर शौचालय व्यवस्था यात्रियों के लिए गंभीर परेशानी बनी हुई है। स्टेशन पर मौजूद शौचालयों की हालत संतोषजनक नहीं है। सफाई का अभाव साफ दिखाई देता है और दुर्गंध के कारण वहां जाना मुश्किल हो जाता है। यात्रियों का कहना है कि शौचालय उपयोग के लिए शुल्क लिया जाता है, पर सुविधाएं नाम मात्र की हैं। फर्श पर गंदगी, पानी की कमी, टूटे दरवाजे व खराब नल आम स्थिति बन चुकी है। महिलाओं व बुजुर्ग यात्रियों के लिए यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। बस स्टैंड पर पुरुष यात्रियों के लिए यूरिनल की कमी भी परेशानी बढ़ा रही है। मजबूरी में कई यात्री असुविधाजनक हालात का सामना करते हैं। लंबी दूरी की यात्रा से पहले या बाद में शौचालय की जरूरत होना स्वाभाविक है, पर यहां यह जरूरत समस्या बन जाती है। यात्रियों का कहना है कि शौचालय की नियमित सफाई नहीं होती। सफाई कर्मियों की मौजूदगी भी सीमित रहती है। इससे स्वच्छता मानकों की अनदेखी होती है। लोगों ने मांग की है कि रोडवेज बस स्टैंड पर शौचालय व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए। नियमित सफाई, पानी की उपलब्धता व महिलाओं व विकलांग यात्रियों के लिए अलग सुविधा सुनिश्चित की जाए। यदि शुल्क लिया जाता है तो उसके अनुरूप सुविधा भी मिलनी चाहिए। इससे यात्रियों को राहत मिलेगी और बस स्टैंड की व्यवस्था में सुधार आएगा। पेयजल संकट ने बढ़ाई यात्रियों की मुश्किल : रुद्रपुर रोडवेज बस स्टैंड पर पीने के पानी की व्यवस्था यात्रियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। स्टेशन पर वॉटर प्यूरिफायर लगा होने की जानकारी है, पर यात्रियों को स्वच्छ पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। नलों से पानी न आने के कारण यात्रियों को बाहर से बोतलबंद पानी खरीदना पड़ता है। लंबे समय तक बस का इंतजार करने वाले यात्रियों के लिए यह स्थिति बेहद परेशानी भरी है। गरीब व मध्यम वर्ग के यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। बुजुर्ग, महिलाएं व छोटे बच्चे इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। गर्मियों के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है। पानी न मिलने से यात्रियों को थकान व कमजोरी महसूस होती है। कई यात्री बिना पानी के ही यात्रा करने को मजबूर हो जाते हैं। यात्रियों का कहना है कि टूटे नल लंबे समय से ऐसे ही पड़े हैं। उनकी मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। पानी की वैकल्पिक व्यवस्था भी नजर नहीं आती। लोगों ने परिवहन विभाग से मांग की है कि बस स्टैंड पर स्वच्छ पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आरओ प्लांट को सुचारू किया जाए व पानी की नियमित जांच हो। ठंडा व साफ पानी उपलब्ध होने से यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है। ठंड में बसों में ब्लोअर खराब, सफर बना असुविधाजनक : ठंड के मौसम में रुद्रपुर रोडवेज की बसों में यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कई बसों में ब्लोअर की व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। सुबह व रात के समय ठंड अधिक होने के कारण यात्रियों को परेशानी होती है। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह स्थिति और कठिन हो जाती है। बुजुर्ग, महिलाएं व छोटे बच्चे ठंड से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। बसों की खिड़कियां व दरवाजे ठीक से बंद न होने के कारण ठंडी हवा भीतर आती रहती है। यात्रियों का कहना है कि सीटों की हालत भी जर्जर है। ठंड में आरामदायक यात्रा का अनुभव नहीं मिल पाता। यात्रियों ने सवाल उठाया है कि बस किराया नियमित रूप से बढ़ाया जा रहा है, पर सुविधाओं में सुधार नहीं दिख रहा। ठंड के मौसम को देखते हुए बसों में ब्लोअर व अन्य जरूरी सुविधाएं होना आवश्यक है। लोगों ने परिवहन निगम से मांग की है कि सभी बसों की जांच कर ब्लोअर को ठीक कराया जाए। ठंड के मौसम में सुरक्षित व आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करना विभाग की जिम्मेदारी मानी जा रही है। नया रोडवेज बस अड्डा अधूरा, यात्री अब भी इंतजार में : रुद्रपुर में नया रोडवेज बस अड्डा वर्षों से निर्माणाधीन है। वर्ष 2016 में प्रस्ताव के बाद यात्रियों को उम्मीद थी कि शहर को आधुनिक बस टर्मिनल मिलेगा। वर्ष 2020 से निर्माण शुरू होने की योजना थी, पर काम अब तक पूरा नहीं हो सका। नए बस अड्डे के अधूरे रहने से पुराने बस स्टैंड पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। भीड़, अव्यवस्था व सुविधाओं की कमी यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। यात्रियों का कहना है कि नए बस अड्डे के शुरू होने से साफ सफाई, सुरक्षा व सेवा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद थी। आधुनिक प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर व सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था मिलने की आस थी। निर्माण कार्य की धीमी गति से यात्रियों में नाराजगी है। वर्षों बीतने के बाद भी कोई स्पष्ट समय सीमा सामने नहीं आई है। लोगों ने प्रशासन व परिवहन विभाग से मांग की है कि नए रोडवेज बस अड्डे के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। जल्द संचालन शुरू होने से यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी व पुराने बस स्टैंड पर दबाव कम होगा। शिकायतें 1- बस स्टैंड परिसर में गंदगी और दुर्गंध फैली हुई है। शौचालयों की स्थिति अत्यंत दयनीय है, जबकि उपयोग के लिए शुल्क लिया जा रहा है। 2- आरओ के रखरखाव में कमी के चलते यात्रियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं हो रहा है। इससे यात्रियों को बोतल बंद पानी खरीदना पड़ रहा है। 3- ठंड के मौसम में अलाव या हीटर की कोई व्यवस्था नहीं है। साथ ही लावारिस कुत्तों और सुरक्षा कर्मियों की कमी से यात्रियों में भय बना रहता है। 4- कई बसों में वेंटिलेशन, ब्लोअर और आरामदायक सीटों का अभाव है। इससे यात्रियों की रात की यात्रा कष्टदायक हो जाती है। 5- वर्षों से नए बस स्टेशन के निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। पुराने बस अड्डे की स्थिति और भी जर्जर हो चुकी है। वहीं किराया बढ़ने के बावजूद सुविधाएं घट रही हैं। सुझाव 1- नियमित सफाई, मुफ्त या न्यूनतम शुल्क पर स्वच्छ शौचालय और शौचालयों में पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। 2- आरओ की नियमित जांच, मरम्मत और 24 घंटे स्वच्छ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, जिससे यात्रियों को राहत मिल सके। 3- ठंड से बचाव के लिए रोडवेज परिसर में अलाव की व्यवस्था करनी चाहिए, सुरक्षा गार्डों की तैनाती और लावारिस पशुओं पर नियंत्रण जरूरी है। 4- बसों में मौसम के हिसाब से सुविधाएं होनी चाहिए, जैसे जाड़ों में ब्लोअर आदि की व्यवस्था और यात्री सुविधाओं को दुरुस्त किया जाए। 5- निर्माण कार्य शीघ्र पूरा किया जाए और किराए के अनुपात में सुविधाओं में सुधार किया जाए। विशेषकर बुजुर्गों, दिव्यांगों और बच्चों के लिए बैठने की व्यवस्था की जाए। साझा किया दर्द सरकार को चाहिए कि वे जल्द से जल्द निर्माणाधीन नए बस स्टेशन का कार्य पूर्ण करें, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इस और विभाग को ध्यान देना चाहिए। -इंद्र प्रकाश रुद्रपुर रोडवेज बस स्टेशन में महिलाओं को लिए शौचालय की उचित व्यवस्था नहीं है। चारों तरफ गंदगी का माहौल है। लोग खुले में लघुशंका करने के लिए मजबूर हैं। -भगवा देवी विकलांगों के लिए यहां कोई व्यवस्था नहीं है। न प्रतीक्षालय और न ही विकलांगों के लिए उपयोग में आसान शौचालय है, जिसकी विशेष रूप से जरूरत महसूस होती है। -राम अवतार बस स्टेशन में नलों में पीने का पानी नहीं आ रहा है। साथ ही गंदगी का अंबर लगा हुआ है। प्रतीक्षालय की स्थिति भी जर्जर है। बैठने तक की पर्याप्त जगह नहीं मिलती। -गायत्री वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधा होनी चाहिए। स्टेशन में उनके बैठने के लिए आरक्षित जगह बनानी चाहिए। आए दिन टिकट के दाम तो बढ़ाए जाते हैं, लेकिन सुविधाएं शून्य हैं। -गोविंद सिंह रोडवेज बस स्टेशन पर साफ-सफाई की उचित व्यवस्था तक नहीं है। स्टेशन में अलाव की व्यवस्था भी करनी चाहिए, बढ़ती ठंड में बसों के इंतजार में बैठना मुश्किल हो रहा है। -मो. अनवार सफर में निकलने के दौरान महिलाओें और बच्चों को रोडवेज बस स्टेशन पर बहुत दिक्कत होती है। पेयजल की व्यवस्था और शौचालय तो विशेष रूप से ठीक कराए जाने चाहिए। -सुनीता यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी शौचालय की स्थिति को लेकर होती है। रोडवेज बस स्टेशन पर शौचालय बहुत ही गंदे और बदबूदार हैं। इनकी नियमित सफाई होनी चाहिए। -रामदेवी महिलाओं के लिए रोडवेज बस स्टेशन में सुरक्षा व्यवस्था भी होनी चाहिए। कई बार बसों में चढ़ते-उतरते समय उनके साथ छेड़छाड़ का खतरा बना रहता है। -देवकी रुद्रपुर रोडवेज बस स्टेशन में रात के समय उचित रोशनी की व्यवस्था नहीं है। इस वजह से असामाजिक तत्व अक्सर यहां घुस आते हैं, जिससे यात्रियों को खतरा बना रहता है। -दिलबाग सिंह रोडवेज बस स्टेशन में यात्रियों की सुविधा के लिए वाई फाई भी लगाए जाने चाहिए। कई बार नेटवर्क न आने के कारण टिकट लेने पर ऑनलाइन पेमेंट में दिक्कत आती है। -श्याम सिंह चौहान रुद्रपुर रोडवेज बस स्टेशन की हालत बड़ी खराब है। यहां पुरुषों के लिए यूरिनल तक नहीं लगाए गए है। जगह-जगह गंदगी का अंबार है। जल्द स्टेशन को नई जगह शिफ्ट कर देना चाहिए। -कृष्ण कांत तिवारी रुद्रपुर में नए बस अड्डा के निर्माण को वर्षों हो गए हैं, लेकिन अभी तक तैयार नहीं हो सका है। स्थानीय प्रशासन और विभाग को इस ओर ध्यान देकर इसे जल्द सुचारू करने की जरूरत है। -वेद प्रकाश चौहान बोले अधिकारी निर्माणाधीन रुद्रपुर रोडवेज बस स्टेशन, जिसका कार्य तेजी से प्रगति पर है। बीच में किसी कारणवश कार्य की गति धीमी पड़ गई थी। लेकिन अब जैसे ही कार्य पूर्ण होगा, इसे यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा। -श्रीराम कौशल, एआरएम, रोडवेज

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




