
बोले रुद्रपुर : फुलसुंगा रोड बनी मुसीबत, लोगों के साथ दुकानदार भी परेशान
संक्षेप: वार्ड-1 के फुलसुंगा रोड पर गड्ढों और जर्जर स्थिति के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की खराब स्थिति से राहगीरों, स्कूल जाने वाले बच्चों और दुकानदारों को दिक्कतें हो रही...
वार्ड-1 स्थित फुलसुंगा रोड पर जगह-जगह गड्ढे होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि इस मार्ग से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं। सड़क की जर्जर स्थिति से न केवल आम लोगों, बल्कि स्कूल जाने वाले बच्चों और कर्मचारियों को भी दिक्कत हो रही है। स्वास्तिक एनक्लेव के निवासियों ने बताया कि कॉलोनी के साथ बनी सड़क आधी कच्ची और आधी क्षतिग्रस्त है। बरसात के समय यहां पानी भर जाता है। इससे फिसलन बढ़ जाती है और वाहन फंस जाते हैं। कई बार लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं। इससे राहगीरों के साथ-साथ दुकानदार भी परेशान हैं।
लोगों ने बताया कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ। उन्होंने प्रशासन से सड़क की तत्काल मरम्मत और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की मांग की है। फुलसुंगा रोड पर जर्जर सड़क और अधूरी नालियां अब वार्ड-1 के लोगों की बड़ी चिंता बन गई हैं। यहां सड़क की ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ चुकी है। इससे धूल उड़ने और वाहन रपटने की समस्या बढ़ी है। बरसात न होने पर भी सड़क की सतह पर मिट्टी फैल जाती है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि लंबे समय से सड़क के किनारे बनी नालियां अधूरी हैं। इससे पानी की निकासी नहीं हो पाती और सड़क के नीचे की मिट्टी धंसने लगती है। स्वास्तिक एनक्लेव के लोग बताते हैं कि सड़क के किनारे लाइटें खराब पड़ी हैं। इससे रात में आवागमन असुरक्षित हो जाता है। अंधेरे में गड्ढों का पता न चलने से दुर्घटनाएं होती हैं। महिलाओं और बच्चों को घर लौटने में डर महसूस होता है। दुकानदारों ने कहा कि सड़क धंसने से उनके सामने के हिस्से में पानी और कीचड़ जमा हो जाता है। इससे व्यापार ठप होने लगा है। वाहन चालकों को बार-बार वाहन की सर्विस करानी पड़ती है। निवासियों ने प्रशासन से आग्रह किया कि सड़क की मरम्मत के साथ-साथ रोशनी की व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जाए। उन्होंने कहा कि अधूरी नालियों के कारण कई बार सीवरेज सड़क पर बहने लगता है। इससे दुर्गंध और असुविधा होती है। कॉलोनी के लोग अब नियमित सफाई और सुदृढ़ जल निकासी तंत्र की मांग उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट तीनों का सुधार एक साथ किया जाए। इससे समस्या का स्थायी समाधान हो सके। स्थानीय प्रतिनिधियों की ओर से शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है, लेकिन लोगों ने कहा कि जब तक सड़क दुरुस्त नहीं होगी तब तक परेशानी कम नहीं होगी। सड़क निर्माण के कई वर्ष बाद भी मरम्मत नहीं : फुलसुंगा रोड की जर्जर स्थिति अब वार्ड-1 के लोगों की स्थायी समस्या बन चुकी है। इस सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों ने आवागमन को बेहद कठिन बना दिया है। सुबह और शाम के समय जब ट्रैफिक अधिक होता है, तब वाहन चालकों को संतुलन बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। सड़क की सतह उखड़ जाने से छोटे वाहनों के पहिये बार-बार फंसते हैं और लोगों को चोटिल होने की घटनाएं बढ़ी हैं। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि सड़क निर्माण हुए कई वर्ष बीत चुके हैं और तब से आज तक उसकी कोई मरम्मत नहीं हुई। स्कूल बस, रिक्शा और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह सड़क अब असुरक्षित हो गई है। पानी भर जाने पर गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे वाहन पलटने का खतरा रहता है। राहगीरों का कहना है कि बारिश के बाद सड़क दलदल जैसी हो जाती है और कीचड़ से गुजरना मुश्किल होता है। दुकानदारों ने बताया कि गड्ढों के कारण धूल उड़ती है। इससे दुकानें गंदी रहती हैं और ग्राहक असुविधा महसूस करते हैं। लोगों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि सड़क की पूरी परत हटाकर नई सीमेंट-कंक्रीट सड़क तैयार कराई जाए। केवल गड्ढा भरने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। स्वास्तिक एनक्लेव की सड़कें आधी कच्ची, आधी टूटी हुई : फुलसुंगा रोड से जुड़ी स्वास्तिक एनक्लेव कॉलोनी की स्थिति भी खराब है। कॉलोनी की आंतरिक सड़कें आधी कच्ची और आधी खराब पड़ी हैं, जिससे निवासियों को हर मौसम में परेशानी झेलनी पड़ती है। गर्मी में धूल उड़ती है और बरसात में कीचड़ जमा हो जाता है। लोगों ने बताया कि कई बार प्रशासन की ओर से निरीक्षण का आश्वासन मिला, पर कोई कार्य शुरू नहीं हुआ। बरसात में जलभराव होने से घरों के बाहर गंदा पानी रुक जाता है और लोगों का आना-जाना मुश्किल हो जाता है। बच्चों को स्कूल पहुंचने में दिक्कत होती है और वृद्धों के गिरने की घटनाएं बढ़ी हैं। कॉलोनी के निवासियों ने कहा कि सड़क कच्ची होने के कारण वाहन रपट जाते हैं और कई बार दोपहिया वाहन सवार चोटिल हो चुके हैं। स्वच्छता की स्थिति भी बिगड़ती जा रही है। ऐसे में पानी के रुकने से आसपास कीचड़ और दुर्गंध फैलती है। निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि कॉलोनी की पूरी सड़क का निर्माण कराया जाए और जल निकासी की व्यवस्था भी की जाए। उन्होंने बताया कि कॉलोनी में जनसंख्या बढ़ रही है और इस कारण हर दिन वाहनों की आवाजाही अधिक होती है। अधूरी नालियों से बरसात में जलभराव, गंदगी से बढ़ी परेशानी : फुलसुंगा रोड क्षेत्र में जल निकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। सड़क के किनारे अधूरी नालियां होने के कारण बरसात का पानी बहने की जगह रुक जाता है और गंदगी फैल जाती है। इस कारण सड़क के नीचे की मिट्टी कमजोर होने लगी है और जगह-जगह धंसाव दिखाई देता है। लोगों ने बताया कि कुछ स्थानों पर नाली की खुदाई तो हुई, पर निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया। इससे मिट्टी भरकर मार्ग संकरा हो गया। बरसात के समय पानी घरों के दरवाजों तक पहुंच जाता है। इससे लोगों को अपने घरों में आने-जाने में परेशानी होती है। कई बार गंदा पानी दुकानों में घुस जाता है। इससे व्यापारिक नुकसान होता है। नागरिकों ने कहा कि गंदे पानी के ठहरने से दुर्गंध फैलती है और वातावरण अस्वच्छ हो जाता है। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम की ओर से ठोस कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नालियों का निर्माण प्राथमिकता से किया जाए। साथ ही नालियों की नियमित सफाई व्यवस्था तय होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जल निकासी का स्थायी समाधान होने से सड़क जल्दी खराब नहीं होगी और गड्ढों की समस्या अपने आप कम हो जाएगी। स्ट्रीट लाइटें खराब, रात में आवागमन असुरक्षित : फुलसुंगा रोड व स्वास्तिक एनक्लेव क्षेत्र में कई जगहों पर स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से खराब हैं। इससे रात में लोगों को अंधेरे में चलना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि अंधेरे के कारण गड्ढों का अंदाजा नहीं होता और दुर्घटनाएं हो रही हैं। कई बार राहगीर और वाहन चालक सड़क किनारे गिर चुके हैं। महिलाओं और विद्यार्थियों को शाम के बाद घर लौटने में डर लगता है। दुकानदारों का कहना है कि अंधेरे के कारण ग्राहक शाम को बाहर निकलना कम कर देते हैं। इससे व्यवसाय प्रभावित होता है। स्थानीय निवासियों ने कहा कि लाइटें खराब होने की जानकारी बार-बार दी गई, लेकिन विभाग की ओर से मरम्मत नहीं कराई गई। लाइट न होने से न केवल आवागमन में दिक्कत आती है। साथ ही सुरक्षा भी प्रभावित होती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मार्ग पर नई एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएं और पुरानी लाइटों का रखरखाव नियमित रूप से किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क की मरम्मत के साथ प्रकाश व्यवस्था को सुधारना भी आवश्यक है। अंधेरे में दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। सफाई व्यवस्था की स्थिति संतोषजनक नहीं : फुलसुंगा रोड क्षेत्र में सफाई व्यवस्था की स्थिति संतोषजनक नहीं है। कॉलोनी व मुख्य मार्ग दोनों ही जगह नियमित सफाई न होने से गंदगी फैल रही है। सड़कों के किनारे कचरे के ढेर जमा रहते हैं और दुर्गंध से राहगीरों को परेशानी होती है। निवासियों ने बताया कि सफाई वाहन कई बार हफ्तों तक नहीं आता, जिससे कचरा खुले में सड़ने लगता है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ता है। लोगों ने कहा कि बरसात में यह स्थिति और बिगड़ जाती है। ऐसे में कचरे के साथ पानी बहने से गंदगी सड़क पर फैल जाती है। दुकानदारों ने बताया कि सड़कों पर जमी धूल और कचरा ग्राहकों के लिए असुविधा का कारण बनता है। क्षेत्र के लोगों ने नगर निगम के ओर से सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि नियमित सफाई और कचरा उठान सुनिश्चित हो जाए तो सड़क व कॉलोनी दोनों की स्थिति सुधर सकती है। निवासियों ने सुझाव दिया है कि क्षेत्र में रोजाना डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण किया जाए और सफाई कर्मियों की उपस्थिति दर्ज कराई जाए। नागरिकों ने कहा कि फुलसुंगा रोड की सूरत तभी बदलेगी जब सफाई, नाली और सड़क तीनों पर एक साथ ध्यान दिया जाएगा। शिकायतें 1-सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं और लंबे समय से मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ। लोगों ने बताया कि कई बार शिकायत करने पर भी कोई अधिकारी स्थल पर नहीं आया। 2-कॉलोनी की सड़कें वर्षों से अधूरी पड़ी हैं। बरसात में पानी भर जाने से लोगों का आना-जाना मुश्किल होता है। कई बार वाहन रपटने से लोग गिरकर घायल हो चुके हैं और प्रशासन केवल आश्वासन दे रहा है। 3-नालियां अधूरी पड़ी हैं और बरसात के समय पानी घरों के दरवाजों तक पहुंच जाता है। सफाईकर्मी कई-कई दिन नहीं आते, जिससे दुर्गंध फैलती है और आवागमन कठिन हो जाता है। 4-रात में सड़क पर अंधेरा रहता है। अधिकांश लाइटें खराब हैं। लोगों ने बताया कि अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देते और कई बार राहगीर गिर चुके हैं। लाइटों को ठीक नहीं किया जा रहा है। 5-कचरे के ढेर सड़कों के किनारे लगे रहते हैं और सफाई वाहन कई दिनों तक नहीं आता। दुर्गंध और गंदगी से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है पर सफाई की निगरानी नहीं की जा रही है। सुझाव 1-फुलसुंगा रोड की पूरी सतह हटाकर नई सीमेंट-कंक्रीट सड़क तैयार की जाए। इससे आवागमन सुचारू और सुरक्षित बने। उच्च गुणवत्ता वाला निर्माण कराया जाए। 2-स्वास्तिक एनक्लेव की आधी कच्ची सड़कों को पूरी तरह पक्का किया जाए और साथ ही जलभराव रोकने के लिए दोनों ओर नालियां बनाई जाएं। इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी। 3-सड़क के किनारे अधूरी नालियों का निर्माण पूरा किया जाए और नियमित सफाई का स्थायी प्रबंध किया जाए, जिससे पानी रुकने और गंदगी फैलने की समस्या समाप्त हो। 4-सड़क और कॉलोनी दोनों में नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएं और पुराने खंभों की मरम्मत कराई जाए, जिससे रात में आवागमन सुरक्षित बने और दुर्घटनाओं में कमी आए। 5-सफाई व्यवस्था को नियमित किया जाए और डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण किया जाए, जिससे सड़कों व नालियों में गंदगी जमा न हो और पर्यावरण स्वच्छ बना रहे। साझा किया दर्द सड़क की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि हर दिन लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। क्षेत्र में आने-जाने वाले सभी लोगों को अब तत्काल मरम्मत की उम्मीद है, जिससे आवागमन फिर से सामान्य हो सके। -राजकुमारी गड्ढों और धूल से निकलना अब कठिन हो गया है। लोग अपने वाहन धीरे चलाने को मजबूर हैं और कई बार संतुलन बिगड़ने से चोट लग जाती है। सड़क को शीघ्र दुरुस्त किया जाना चाहिए। -मोनू यादव बरसात में पूरी सड़क दलदल बन जाती है और राहगीरों को परेशानी होती है। कई बार पानी रुकने से फिसलन बढ़ जाती है, जिससे लोगों को जोखिम झेलना पड़ता है। अब स्थायी समाधान जरूरी है। -सोनू यादव कॉलोनी के भीतर जाने वाली सड़कें आधी जर्जर और आधी कच्ची हैं। आवागमन में दिक्कत होती है और वाहन रपट जाते हैं। लोगों ने बताया कि अब इंतजार की सीमा खत्म हो रही है। -हेम राजभर अधूरी नालियों के कारण गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता है। लोग सफाई के अभाव में परेशान हैं और घरों के सामने गंदगी जमा होती जा रही है। विभाग की ओर से शीघ्र कार्रवाई होनी चाहिए। -लल्लन यादव सफाई वाहन कई दिनों तक नहीं आता और कचरा खुले में सड़ता रहता है। दुर्गंध से आसपास का माहौल असहनीय हो गया है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही सफाई व्यवस्था सुधरेगी। -शिव अंधेरे में सड़क पर चलना अब मुश्किल हो गया है। लाइटें खराब पड़ी हैं। राहगीरों को डर रहता है कि कहीं गड्ढों में पैर न फिसल जाए। लाइटें जल्द चालू की जानी चाहिए। -महेंद्र यादव सड़क पर गड्ढे इतने गहरे हैं कि छोटे वाहन कई बार बीच में रुक जाते हैं। लोगों ने कहा कि इस मार्ग की मरम्मत किए बिना दुर्घटनाओं को रोकना संभव नहीं है। -शंकर चंद्रा बच्चों और वृद्धों के लिए सड़क पार करना मुश्किल हो गया है। लोग हर दिन जोखिम उठाकर गुजर रहे हैं और कई बार गिरने की घटनाएं भी हुई हैं। प्रशासन को जल्द ध्यान देना चाहिए। -रामेश्वर यादव कॉलोनी में जलभराव होने से घरों तक पानी पहुंच जाता है। निवासियों ने कहा कि अब नाली और सड़क दोनों की मरम्मत एक साथ की जानी चाहिए, जिससे राहत मिल सके। -सावित्री सड़क खराब होने से दुकान में जाना भी मुश्किल होने लगा है। धूल और गड्ढों की वजह से व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। सड़क बनने पर स्थिति सुधर सकती है। -धनेश्वरी देवी क्षेत्र की सड़क, लाइट और नाली तीनों की मरम्मत एक साथ होनी चाहिए, जिससे बार-बार शिकायत की जरूरत न पड़े और क्षेत्र की सूरत स्थायी रूप से सुधरे। -रूपा देवी बोले विधायक फुलसुंगा रोड की बदहाली के कारण लोगों को समस्या हो रही है तो ऐसे में सड़क की जांच कराई जाएगी। समस्या का समाधान कराया जाएगा, ताकि लोगों को राहत मिल सके। - शिव अरोरा, विधायक रुद्रपुर बोले मेयर शहर की सड़कों का मरम्मत का कां जारी हैष वार्ड-1 स्थित फुलसुंगा रोड की जांच की जाएगी और जल्द ही समस्या का समाधान कराया जाएगा। - विकास शर्मा, मेयर

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