बेदखली के नोटिस चस्पा करने पहुंची टीम को बेहड़ ने लौटाया
पंतनगर में मस्जिद कॉलोनी और संजय कॉलोनी में बेदखली के नोटिस चस्पा होने के बाद हंगामा मच गया। करीब 800 परिवार प्रभावित हो सकते हैं। विधायक तिलकराज बेहड़ के हस्तक्षेप ने प्रशासन को कार्रवाई से रोक दिया। उन्होंने पुनर्वास की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि बिना पुनर्वास के बेदखली उचित नहीं है।

पंतनगर, संवाददाता। मस्जिद कॉलोनी और संजय कॉलोनी में गुरुवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब विश्वविद्यालय प्रशासन, फार्म प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम कथित अतिक्रमण वाले मकानों पर बेदखली के नोटिस चस्पा करने पहुंची। विधायक तिलकराज बेहड़ के हस्तक्षेप के बाद टीम वापस लौट गई। गुरुवार को नोटिस चस्पा होते ही दोनों बस्तियों में रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई से करीब 800 परिवार प्रभावित हो सकते हैं। नोटिस में 20 जून तक स्वयं अतिक्रमण हटाने और अन्यथा 21 जून को प्रशासनिक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई।
साथ ही कार्रवाई में आने वाला खर्च संबंधित परिवारों से वसूलने की बात भी कही गई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग घरों से बाहर निकल आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी दौरान किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि जब तक प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था नहीं होती, तब तक किसी भी परिवार को बेदखल करना उचित नहीं है। विधायक के हस्तक्षेप के बाद प्रशासनिक टीम वापस लौट गई। मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए बेहड़ ने कहा कि 40-40 वर्षों से यहां रह रहे लोगों को आज तक स्थायी आवास नहीं मिला। पुनर्वास के नाम पर केवल आश्वासन दिए गए, जबकि अब गरीब परिवारों को उजाड़ने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी संवेदनशील सरकार को लोगों के सिर से छत छीनने से पहले उनके पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले भी कई बार नोटिस जारी किए गए थे। उस समय लोगों ने आंदोलन और मशाल जुलूस निकाले, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकला। उन्होंने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिनके कार्यकाल में यह कार्रवाई हो रही है, उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। विधायक ने आरोप लगाया कि कुछ लोग संस्था और आंदोलन के नाम पर बस्तीवासियों से पांच से दस हजार रुपये तक वसूल रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि वे बस्तियों को टूटने नहीं देंगे। उन्होंने लोगों से ऐसे तत्वों से सतर्क रहने की अपील की। बेहड़ ने कहा कि यदि सूचना पहले मिलती तो वह पहले ही हस्तक्षेप करते। उन्होंने घोषणा की कि पुनर्वास का समाधान होने तक वह इस मुद्दे पर सड़क से सदन तक संघर्ष करेंगे। मौके पर जनार्दन सिंह, ज़ुबैर खान, यूसुफ अल्वी, जगदीश कुमार, हसन, नहीम खान, सोनू, सलीम, सुनील कुमार, अंकुर समेत बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
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