नकली किताब प्रकरण में गोदाम संचालक समेत तीन पर मुकदमा

Mar 17, 2026 07:58 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रुद्रपुर
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रुद्रपुर के कीरतपुर में एनसीईआरटी की करीब साढ़े नौ लाख नकली किताबों के मामले में पुलिस ने गोदाम संचालक समेत तीन पर मुकदमा दर्ज किया है। एनसीईआरटी के सहायक उत्पादन अधिकारी की तहरीर पर जांच शुरू की गई है। गोदाम में गुणवत्ताहीन किताबें थीं, जो छात्रों को धोखा देने के लिए छापी गई थीं।

नकली किताब प्रकरण में गोदाम संचालक समेत तीन पर मुकदमा

रुद्रपुर, वरिष्ठ संवाददाता। रुद्रपुर के कीरतपुर में एक गोदाम में एनसीईआरटी की करीब साढ़े नौ लाख नकली किताबों के मामले में एनसीईआरटी के सहायक उत्पादन अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने गोदाम संचालक समेत तीन पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने कॉपीराइट एक्ट, धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) नई दिल्ली के सहायक उत्पादन अधिकारी दीपक कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि 15 मार्च को मुख्य शिक्षा अधिकारी ऊधमसिंह नगर की ओर से ईमेल के जरिए कोतवाली रुद्रपुर क्षेत्र में एक गोदाम से एनसीईआरटी की नकली किताबें बरामद होने की सूचना मिली।

साथ ही किताबों से भरा एक ट्रक भी बरामद होने की सूचना दी गई। इस पर 16 मार्च को वह सहायक व्यापार प्रबंधक पदम सिंह भाटी के साथ रुद्रपुर के कीरतपुर स्थित गोदाम पहुंचे। पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के समक्ष उन्होंने गोदाम के अंदर रखी गई किताबों की जांच की। जांच के दौरान गोदाम में मौजूद किताबों की छपाई, कागज, बाइंडिंग, कवर डिजाइन एनसीईआरटी की पुस्तकों के मानकों के अनुरूप नहीं मिली। एनसीईआरटी का वॉटर मॉर्क इन किताबों में मौजूद नहीं था। किताबों की पेपर क्वालिटी निम्न स्तर की थी और अधिकतर किताबें निर्धारित मशीनों से प्रिन्ट नहीं की गई थीं। जिस गोदाम में एनसीईआरटी की किताबें रखी गई हैं, वह गोदाम किताबों के मुद्रण और भण्डारण के लिए एनसीईआरटी कार्यालय से अधिकृत नहीं था। एनसीईआरटी के लोगो की कूटरचना कर नया वॉटर मॉर्क बनाया गया था, जो एसीईआरटी प्रतीत हो रहा था। एनसीईआरटी के नाम व चिह्न अंकित कर छात्रों और अभिभावको को धोखा देने के मकसद से किताबें छापकर और भंडारण कर बेची जा रही थीं। इससे भारत सरकार को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई। गोदाम के अंदर अनुमानित 9-10 करोड़ रुपये की किताबें मौजूद थीं। पुलिस से जानकारी लेने पर पता चला कि गोदाम के स्वामी रुद्रपुर निवासी राजेश कुमार जैन हैं। उन्होंने गोदाम को संदीप पुत्र राम भूर सिंह निवासी हरार हर्रा मेरठ को किराए पर दिया था। पुलिस टीम की ओर से पकड़े गए कैंटर चालक अब्दुल मतीन ने बताया कि नकली किताबें संदीप और शाहरुख ने गोदाम से कैन्टर में लोड कराई थीं। उन्होंने गोदाम स्वामी राजेश कुमार जैन, संदीप और शाहरुख के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की। कोतवाल मनोज रतूड़ी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले में आरोपियों के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट, धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फरार गोदाम संचालक संदीप की तलाश की जा रही है।इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमाधारा 318(4)/ 336(3)/338/340(2) बीएनएस और 63/65 कॉपीराइट एक्ट

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