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21 सितम्बर, 2020|11:48|IST

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अब मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से चिकित्सक भड़के

अब मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से चिकित्सक भड़के

प्रतिमाह एक दिन का वेतन काटे जाने समेत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ के पदाधिकारियों की एक बैठक हुई। विरोध स्वरूप पदाधिकारियों ने मंगलवार से सात सितंबर तक काली पट्टी बांधकर कार्य करना शुरू कर दिया है। कार्रवाई नहीं होने पर कार्य बहिष्कार की रणनीति बनाने और सामूहिक त्याग पत्र दिये जाने का निर्णय लिया गया है। पदाधिकारियों ने इस आशय का एक ज्ञापन सीएम को प्रेषित किया है।मंगलवार को गांधी चिकित्सालय के सभागार में हुई बैठक में संघ के पदाधिकारियों ने प्रतिमाह एक दिन का वेतन काटने की निंदा की। साथ ही कहा कि किसी भी प्रदेश में चिकित्सकों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया जा रहा है। यहां तक कि कई प्रांतों में प्रोत्साहन राशि तक दी जा रही है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक पिछले छह माह से बच्चों से अलग रहकर बगैर अवकाश के कोरोना को नियंत्रित करने में लगे हैं। बाजवूद उनका वेतन काटा जा रहा है। 6 जनवरी 2020 को संघ के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री ने सभी पीजी अध्ययनरत चिकित्सकों को पूर्ण वेतन देने की घोषणा की थी लेकिन आज तक इसका शासनादेश तक जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि तहसीलदार, पटवारी स्तर तक के कर्मचारियों को जिलाधिकारी द्वारा नामित कर चिकित्सालयों में भेजा रहा है। इससे अनावश्यक हस्तक्षेप बढ़ रहा है। उन्होंने इसे बंद करने की मांग की। वहीं जसपुर विधायक आदेश चौहान द्वारा प्रभारी चिकित्साधिकारी के साथ अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि विभागीय व प्रशासनिक जांचों में अस्पताल में होने वाली मौत के लिए चिकित्सकों को जिम्मेदार ठहराया जाना बंद करे। यहां प्रांतीय महासचिव डॉ. मनोज वर्मा, डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव, डॉ. यदुराम भट्ट, डॉ.आरडी भट्ट, डॉ.डीपी सिंह समेत कई चिकित्सक उपस्थित थे।

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  • Web Title:Now the doctors are angry due to no action on the demands