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धरने पर डटे फैक्ट्री श्रमिकों का नहीं कोई सुधलेवा

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फैक्ट्री बंद होने के बाद 21 दिनों से धरने पर डटे श्रमिकों की सुध लेने वाला कोई नही है। बेरोजगार हो चुके श्रमिक न्याय की आस में बारिश, धूप की परवाह किये बगैर लगातार फैक्ट्री के बाहर धरना दे रहे है। आंदोलन के कारण श्रमिक रक्षाबंधन, ईद जैसे त्योहार भी इस बार परिवार के साथ नही मना पाये। श्रमिकों को केवल जनप्रतिनिधियों की तरफ से आश्वासन मिल रहा है। लेकिन प्रशासनिक ढील के कारण फैक्ट्री प्रबधंन आंदोलित श्रमिकों की सुध तक नही ले रहा है। ओमप्रकाश कफल्टिया ने आरोप लगाया कि बिना नोटिस दिये श्रमिकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। चुपचाप फैक्ट्री बंद कर दी गई। इस कारण फैक्ट्री में काम करने वाले श्रमिक बेरोजगार हो गये है। श्रम विभाग के अफसर प्रबधंन पर कोई कार्यवाही नही कर रहे है। इस वजह से श्रमिकों के हित प्रभावित हुये है। इस मौके पर सुरेंद्र सिंह, भुवन बोरा, प्रेम, सुशांत, जगदीश, जलीस, प्रमोद, अशोक, मनोज, किशोर, कमलापति मौजूद थे।

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  • Web Title:No improvement of factory workers on strike