15 वर्ष की नाबालिक को ब्याहने आया हरियाणा का 27 वर्षीय युवक
किच्छा में एनजीओ आईएसडी ने 15 वर्षीय बालिका को बाल विवाह से बचाया। डॉ अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी संस्था बाल विवाह मुक्त भारत अभियान चला रही है। गुप्त सूचना पर पुलिस के साथ ग्राम अंजनिया पहुंचे, जहां विवाह की तैयारी हो रही थी। बालिका की उम्र 15 वर्ष 11 माह होने पर विवाह रोक दिया गया।

किच्छा। एनजीओ आईएसडी की सतर्कता से ग्राम अंजनिया की 15 वर्षीय बालिका को बाल वधू बनने से रोका गया। आईएसडी के अध्यक्ष डॉ अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी संस्था बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन एलायंस के सहयोग से बाल विवाह मुक्ति रथ का संचालन कर रही है। सोमवार रात्रि गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम अंजनिया में एक 15 वर्षीय बालिका का विवाह 27 वर्षीय हरियाणा के युवक से किया जा रहा है। जिस पर आईएसडी की परियोजना निदेशक बिंदुवासिनी पुलिस टीम के साथ ग्राम अंजनिया में रात्रि लगभग आठ बजे पहुंची।
जहां बारात चढ़ रही थी। बिंदुवासिनी ने बताया कि जूनियर हाई स्कूल से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर बालिका की उम्र 15 वर्ष 11 माह पाई गई। इस आधार पर शादी रोक दी गई। बाल कल्याण समिति के निर्देश के अनुसार आईएसडी टीम एवं महिला एसआई सीमा ने बालिका को वन स्टॉप सेंटर में दाखिल कराया। बिंदुवासिनी ने बताया कि दूल्हा एवं दुल्हन के परिजनों को बाल कल्याण समिति के समक्ष अग्रिम कार्यवाही के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। विवाह की तैयारी पूरे धूमधाम से की गई थी। पूरे कार्यक्रम की वीडियो ग्राफी कराई गई है।
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