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जसपुर में मिल श्रमिकों ने हंगामा कर रोके चीनी से भरे ट्रक

कम रेट पर चीनी बेचने से नाराज श्रमिक संघ से जुड़े श्रमिकों ने मिल गेट पर हंगामा कर चीनी से भरे ट्रकों को रोक दिया। मिल प्रबंधन एवं श्रमिक संघों के बीच सहमति बनने के बाद ट्रकों को मिल से बाहर निकाला गया।श्रमिक संघों ने मिल प्रबंधन की कारगुजारी की शिकायत कर ज्ञापन भेजे है।

बुधवार को चीनी मिल गेट पर श्रमिक संघ एवं श्रमिकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। उन्होंने मिल के अंदर चीनी भर रहे ट्रकों को बाहर निकालने से मना कर दिया। हंगामा होता देख मिल प्रबंधक आरके सेठ ने श्रमिक संघ से वार्ता कर मामले को हल करने को कहा। काफी मशक्कत के बाद मिल से भरे ट्रकों को निकाला जा सकता। इंटक के पूर्व मंत्री विपिन कुमार ने बताया कि चीनी मिल नादेही में पिछले दो माह से व्यापारी चीनी नहीं खरीदने आ रहे है।बताया कि इस माह के मध्य में चीनी के दाम बढ़ने की सुगबुहाट रही। इस बीच 19 मई को फेडरेशन ने 31 हजार कुंतल चीनी को 2550 रूपये की दर से बेच दिया। 21 मई को चीनी के रेट 2850 हो गये। आसपास की मिलों ने इसी दर पर चीनी को बेचा। बाइस मई को फेडरेशन ने दस हजार कुंतल चीनी पुराने रेट पर बेच दी।मिल को नुकसान होता देख श्रमिक संघ एवं श्रमिकों ने लेखाकार से पूछा तो उन्होंने दस हजार कुंतल चीनी पुराने रेट पर बिकने की बात बताई।इससे मिल में हंगामा हो गया। मिल प्रबंधन एवं श्रमिक संघों के बीच हुई वार्ता में तय किया गया कि दस हजार कुंतल में शेष बची साढ़े सात हजार कुंतल चीनी पुराने रेट पर नहीं निकाली जायेगी। मौके पर विपिन कुमार,अशोक कुमार, प्रभुनाथ, ध्यान सिंह, संजय शर्मा, सुधीर अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

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  • Web Title:Mill workers in Jaspur pack a truck full of ruckus