एसओजी ने आरोपी की जगह अधिवक्ता को उठाया, बखेड़ा, हाईवे जाम

एसओजी ने आरोपी की जगह अधिवक्ता को उठाया, बखेड़ा, हाईवे जाम

संक्षेप:

छेड़छाड़ के एक मामले में आरोपी की सही पहचान न करते हुए अचानक की गई कार्रवाई पुलिस के गले की फांस बन गयी। एक युवती की शिकायत पर पुलिस ने मामले में एफआ

Dec 12, 2025 07:55 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रुद्रपुर
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रुद्रपुर, संवाददाता। ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र में छेड़छाड़ के एक मामले में पुलिस की जल्दबाज़ी भारी पड़ गई। रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की सही पहचान किए बिना पुलिस और एसओजी ने एक अधिवक्ता को कोर्ट से लौटते समय हिरासत में ले लिया। तस्दीक के दौरान युवती ने अधिवक्ता को आरोपी मानने से इनकार कर दिया, जबकि वास्तविक आरोपी बाद में गिरफ्तार हुआ। इस घटना ने शुक्रवार को अधिवक्ताओं में आक्रोश पैदा कर दिया। घटना के विरोध में न्यायालय परिसर में कई घंटे तक विरोध-प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं ने नैनीताल हाईवे जाम कर दिया। एसएसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए।

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बाद में सीओ ने किसी तरह बातचीत कर अधिवक्ताओं को आश्वस्त किया कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और यदि पुलिसकर्मी दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। आश्वासन के बाद अधिवक्ता शांत हुए और धरना फिलहाल रविवार तक स्थगित कर दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि सोमवार तक कार्रवाई नहीं हुई तो फिर से उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, ट्रांजिट कैंप थाने में एक युवती ने कुछ युवकों पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। प्रकरण मानवाधिकार संगठन के पास पहुंचा तो उन्होंने एसएसपी मणिकांत मिश्रा से तत्काल कार्रवाई की मांग की। एसएसपी के निर्देश मिलते ही एसओजी और पुलिस गुरुवार शाम एक अधिवक्ता को उठाकर थाने ले गई। बताया गया कि नाम, पता एफ़आईआर में दर्ज विवरण से काफी हद तक मिलता-जुलता था, जिससे पुलिस ने बिना पूरी जांच के कार्रवाई कर दी। अधिवक्ताओं के अनुसार, पुलिस ने करीब छह घंटे तक साथी अधिवक्ता से पूछताछ की। बाद में युवती को पहचान के लिए बुलाया गया, जिसने साफ कहा कि अधिवक्ता आरोपी नहीं है। आरोप यह भी लगा कि युवती द्वारा पहचान से इनकार करने के बाद भी पुलिस ने अधिवक्ता को नहीं छोड़ा और उसके परिवार को भी थाने में बुलाकर पूछताछ की। परिवार को भी युवती ने पहचानने से इनकार कर दिया। इसके बावजूद अधिवक्ता व उसके परिवार को कई घंटे तक थाने में बैठाए रखा गया। बाद में अन्य अधिवक्ताओं के विरोध के बाद उन्हें छोड़ा गया। उधर, शुक्रवार सुबह अधिवक्ता पुलिस के खिलाफ खुलकर सामने आ गए।। जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारी व अधिवक्ता न्यायालय परिसर में जमा हुए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुलिस अधिवक्ता की बेवजह बेइज्जती और अवैध हिरासत के मामले में माफी मांगे और संबंधित पुलिसकर्मी को निलंबित किया जाए। सीओ सिटी प्रशांत कुमार अधिवक्ताओं को समझाने पहुंचे, लेकिन अधिवक्ता एसएसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। करीब चार घंटे तक बातचीत और विरोध-प्रदर्शन के बीच भी एसएसपी के नहीं पहुंचने पर अधिवक्ताओं का धैर्य टूट गया और वे बड़ी संख्या में नैनीताल हाईवे की ओर कूच कर गए। जाम लगा दिया। इससे हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।