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भीषण आग से नगर पालिका के गोदाम समेत चार दुकानें जली, करोड़ों का नुकसान

हिन्दुस्तान टीम,रुद्रपुरNewswrap
Mon, 29 Nov 2021 04:50 PM
भीषण आग से नगर पालिका के गोदाम समेत चार दुकानें जली, करोड़ों का नुकसान

मीना बाजार से सटे नगर पालिका के गोदाम में आग लगने से पड़ोस की चार दुकानें जल गईं। आग से गोदाम में रखे डस्टबिन, कीटनाशक दवाइयां, स्ट्रीट लाइट, दस्तावेज जल गए। दुकानों में भड़की आग की भेंट फर्नीचर, मोटर का सामान चढ़ गया है। भीषण अग्नि से करीब पांच करोड़ के नुकसान का अनुमान है। दमकल कर्मियों, पुलिस कर्मियों ने 4 अग्निशमन वाहनों की मदद से आग को कपड़ा बाजार की तरफ फैलने से रोक लिया। बाजार में आग फैलने से नजदीक में स्थित नगर पालिका कार्यालय, रोडवेज स्टेशन, लकड़ी की आरामशीन से बड़ी जनहानि हो सकती थी। दमकल कर्मी आग से हुए नुकसान का आंकलन करने में जुटे हैं।

सोमवार को नगर पालिका के गोदाम में अचानक आग भड़क गई। गोदाम में कीटनाशक, प्लास्टिक की डस्टबीन, स्ट्रीट लाइट, पालिका का रिकार्ड होने से आग की लपटें तेजी से फैल गईं। देखते ही देखते आग ने पड़ोस में बने जसवंत सिंह के खोखे व सड़क के दूसरी तरफ स्थित सज्जाद हुसैन, अब्दुल हुसैन की फर्नीचर की दुकानों को चपेट में ले लिया। फर्नीचर की दुकानें मीना बाजार के कपड़ा बाजार से सटी होने पर अन्य दुकानदारों में भी हड़कंप मच गया। कपड़ा बाजार को आग से बचाने के लिए दुकानदारों ने सारा सामान सड़क में फेंक दिया। अग्निशमन के चार वाहनों की मदद से 16 दमकलकर्मियों, पुलिस कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे ने बताया कि आग से गोदाम में करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा है। गोदाम के लिपिक नुकसान का आंकलन कर रहे हैं।

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गोदाम के पीछे लगे कूड़े के ढेर से उठी चिंगारी

सितारगंज

नगर पालिका के गोदाम में बिजली का कनेक्शन नहीं लगा है। इस कारण शॉर्ट-शर्किट से आग लगने की संभावना कम है। आशंका जताई जा रही कि गोदाम के पीछे लगे कूड़े के ढेर में आग लगने से लपटें गोदाम की तरफ बढ़ गई। देखते ही देखते आग ने सब कुछ स्वाहा कर दिया। अग्निशन विभाग और पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे आग के लगने का कारण जानने का प्रयास कर रहे हैं।

आग की लपटें कपड़ा बाजार की तरफ बढ़ते देख दुकानदारों ने बीवी बच्चों की मदद से रोड में फेंका सामान

-दुकानों से कपड़ा, सामान निकालते वक्त रोते बिलखते रहे परिजन

सितारगंज। हनीफ बाबा गोदाम में भड़की आग ज्वलनशील पदार्थों के कारण अग्निशमन विभाग काबू नही कर पा रहा था। आग की लपटों ने गोदाम के दूसरी तरफ बनी फर्नीचर की दुकानों को जैसे ही अपनी चपेट में लिया। इन दुकानों से सटे दुकानदारों में चीख-पुकार मच गई। सड़क में अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। दुकानदार, उनके बीवी बच्चे अपनी दुकानों में रखा कपड़े का सारा सामान सड़क में फेंककर आग से बचाने का प्रयास करते रहे। पड़ोस की करीब छह दुकानों को खाली कर दिया गया।

दमकल वाहन का पानी खत्म होने पर गोदाम ने सड़क के दूसरी तरफ कपड़ा बाजार से सटी फर्नीचर की दो दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। फर्नीचर की दुकानें बंद थी। उनसे धुंआ उठते देख मीना बाजार कपड़ा मार्केट के दुकानदारों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में बंद फर्नीचर की दुकानों को खुलवाया गया। धुंए के कारण दुकानों के शटर बंद हो गए। पुलिसकर्मी नरेंद्र यादव ने प्रत्यक्षदर्शियों के सहयोग और लकड़ी के सहारे शटर को खोला। इस बीच पड़ोस के दुकानदारों ने दुकानों में रखा रेडीमेड, कपड़े के रोल, फर्नीचर को सड़क में रख दिया। दुकानदारों के साथ उनके बीवी बच्चे भी सामान को आग से बचाने में जुटे रहे। सड़क में दुकानों के सामान के अलावा कुछ दुकानदारों का राशन भी बिखर गया। दमकल वाहन के पानी भरकर आने के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। फर्नीचर दुकानदार इशहाक अहमद ने बताया कि दोनों दुकानों में फर्नीचर के सामान के अलावा मोटर भी जल गई है। आग से दोनों दुकानों में करीब पांच लाख का नुकसान हुआ है।

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अग्निशमन वाहन के पाइप की छीनाझपटी में बढ़ी लपटें

-कर्मचारियों को हटाकर प्रत्यक्षदर्शी करने लगे थे पानी की बौछार

सितारगंज

गोदाम में आग लगने के बाद अग्निशमन का वाहन पहुंच गया था। गोदाम से लपटें उठते देख प्रत्यक्षदर्शी दमकल वाहन के पाइप की तरफ बढ़ गये। प्रत्यक्षदर्शियों ने कर्मियों से पाइप ले लिया। अग्निशमनकर्मी चिल्लाते रहे। लेकिन, उनकी नहीं सुनी गई। इस कारण आग को तकनीकी रूप से अग्निशमन कर्मियों को रोकने में संभवत: देर हो गई।

नगर पालिका के ज्वलनशील गोदाम में आग अग्निशमन वाहन के पाइप पर प्रत्यक्षदर्शी टूट पड़े। अग्निशमन कर्मचारियों ने बताया कि इस वजह से उन्हें आग बुझाने में काफी परेशानी हुई। वे प्रत्यक्षदर्शियों से पाइप छीनते रहे। उन्होंने उनकी नहीं सुनी। खुद ही पाइप लेकर पानी की बौछार करते रहे। पानी खत्म होने पर उन्हें दोबारा पानी की व्यवस्था करनी पड़ी। आग बुझाने में आ रही दिक्कतों को अग्निशमन कर्मियों ने कोतवाल प्रकाश सिंह दानू को बताया गोदाम के पास खड़ी भीड़ को तितर-बितर किया। इसके बाद दमकल कर्मियों ने तकनीकी रूप से आग पर कुछ ही देर में काबू पा लिया। जिसके बाद आस-पास के लोगों ने राहत की सांस ली।

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आग वाला कैमिकल नहीं होने से बढ़ी दिक्कतें

सितारगंज

गोदाम में प्लास्टिक जलने पर पानी की बौछार से आग पर काबू नहीं पा जा रहा था। अग्निशमन विभाग के पास प्लास्टिक के सामान को जलने से रोकने के लिए कैमिकल की कोई व्यवस्था नहीं थी। इस कारण प्लास्टिक की आग समय पर बुझ नहीं सकी। बाद में दमकल कर्मी प्लास्टिक की आग को बुझाने वाला कैमिकल का टैंक लेकर गोदाम पर पहुंचे। यहां कैमिकल की मदद से आग को तुरंत फैलने से रोक लिया गया।

आग फैलने पर वीआइपी डियूटी से मंगाए दमकल वाहन

-सड़क में जाम, अतिक्रमण के कारण वाहनों को पहुंचने में हुई देरी

सितारगंज

मीना बाजार में नगर पालिका के गोदाम में आग लगने की सूचना पर शहर से अग्निशमन वाहन, दमकलकर्मियों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गया था। दमकल कर्मी आग को बुझाने में जुट गए। लेकिन, ज्वलनशील पदार्थ जलने के कारण आग को फैलने से नहीं रोका जा सका। आग जब दूसरी तरफ की दुकानों की तरफ बढ़ने लगी तो कपड़ा बाजार और जनहानि की बढ़ती आशंका को रोकने के लिए अग्निशमन अफसर गोपाल बिष्ट, कोतवाल प्रकाश सिंह दानू ने मुख्यमंत्री की वीआइपी डयूटी में तैनात दकमल वाहनों को मौके पर बुला लिया।

सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का चीनीमिल दौरा था। इस कारण आस-पास के क्षेत्रों के अग्निशमन वाहन, दमकलकर्मी भी सुरक्षा ड्यूटी में तैनात थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चीनी मिल पहुंचने के बाद अचानक मीना बाजार में नगर पालिका के गोदाम में आग लग गई। सूचना पर अग्निशमन अफसर, कर्मचारी एक दमकल वाहन के साथ मौके पर पहुंच गए। लेकिन, अकेले दमकल वाहन की मदद से आग को फैलने से नहीं रोक सके। भीषण आग लगने पर कोतवाल प्रकाश सिंह दानू, एसएसआइ योगेश कुमार, सिपाही नरेंद्र यादव, जगदीश लोहनी भी पहुंच गए। आग के कारण घटनास्थल पर फैली अफरा-तफरी देख पुलिस कर्मियों ने भीड़ को हटाया। जब आग गोदाम के दूसरे तरफ कपड़ा बाजार की दुकानों को चपेट में लेने लगी। तभी अग्निशमन अधिकारी, कोतवाल ने कपड़ा बाजार बचाने और आग से जनहानि होने की संभावना को देखते हुए वीआइपी ड्यूटी में तैनात अन्य दमकल वाहन, कर्मियों को भी बुला लिया। इस वजह से घटनास्थल पर दमकल के छह वाहन और 16 कर्मचारी पहुंच सके। इसके बाद चार दमकल वाहनों की मदद से आग पर काबू पा लिया गया। शेष दो दमकल वाहन घटनास्थल पर एडवांस में तैनात दिखे। अफसरों की इस सूझबूझ से कपड़ा बाजार और संभावित जनहानि को पहले ही रोक लिया गया।

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शहर में हाइडेंट तक नहीं, संकरी सड़कों में डेढ़ किमी तक दौड़े दमकल वाहन

सितारगंज

अग्नि सुरक्षा से जुड़े बिंदु शहरी क्षेत्र में फेल साबित हुए। शहर के सार्वजनिक स्थलों और सरकारी कार्यालयों में भी हाइडेंट की कोई व्यवस्था नहीं है। आग बुझाते वक्त पानी के लिए अग्निशमन वाहन को करीब डेढ़ किमी दूर कृषि मंडी तक संकरी सड़कों में दौड़ लगानी पड़ी। सड़क में जाम होने के कारण दमकल वाहनों को काफी दिक्कतें आईं। चालक ने इस बात का खुलासा किया।

आग को फैलने से रोकने के लिए संसाधन और समय को सबसे अहम माना गया है। लेकिन, सितारगंज शहर में भीषण आग के बाद संसाधनों की भारी कमी सामने आई। सड़कों में लगते जाम के कारण दमकल वाहनों को पहुंचने में देरी हुई। अग्निशमन विभाग ने कई अग्नि सुरक्षा कारणों के मद्देनजर शहर के महत्वपूर्ण स्थलों पर हाइडेंट का प्रस्ताव भेजा है। लेकिन, हाइडेंट की कोई व्यवस्था अभी तक नहीं की गई है। शहरी क्षेत्र के लिए एकमात्र हाइडेंट मंडी समिति में बना है। वो भी मंडी विभाग के अधीन है। इसके अलावा शहर के बिज्टी, अमरिया, किच्छा, सिडकुल बाइपास मार्गों के अलावा घने बाजारों के पास हाइडेंट की कोई व्यवस्था नहीं है।

भीषण आग के निशाने पर था रोडवेज स्टेशन और आरा मशीन

सितारगंज

मीना बाजार के गोदाम से लगी आग अगर फैल जाती तो कपड़ा बाजार के साथ ही नजदीकी रोडवेज स्टेशन और लकड़ी की आरा मशीन आग की चपेट में आ जाती। इससे बड़ी जनहानि हो सकती थी। रोडवेज परिसर में दुकानदारों के अलावा यात्रियों की जान आफत में पड़ सकती थी। गनीमत रही कि आग को फैलने से पहले ही रोक लिया गया।

नगर पालिका के जिस गोदाम में लगी थी, उसके बगल में ही कपड़े का बड़ा बाजार है। इससे सटा हुआ शहर का रोडवेज स्टेशन और लकड़ी की आरा मशीन भी है। गोदाम की आग अगर बाजार तक फैल जाती तो टिनशेड वाले कपड़ा बाजार के साथ ही रोडवेज स्टेशन और आरा मशीन को भी चपेट में ले लेती। गनीमत रही कि शीघ्र ही 6 दमकल वाहन घटनास्थल पर पहुंच गए। उनकी मदद से आग को फैलने से पहले ही कैमिकल वाले पानी की मदद से रोक लिया। नही तो मीना बाजार में भीषण आग के कारण बड़ी जनहानि हो सकती थी।

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