खटीमा में निजी स्कूलों पर फीस वृद्धि, महंगी किताबें लगाने का आरोप
खटीमा के पूर्व सैनिकों ने निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी और महंगी किताबों की खरीद के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर उचित कार्रवाई की मांग की। पूर्व सैनिकों ने कहा कि अभिभावकों का शोषण किया जा रहा है और महंगी पुस्तकें खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
असद जावेद, खटीमा। क्षेत्र के पूर्व सैनिकों ने खटीमा के निजी स्कूलों में फीस वृद्धि, महंगी किताबें खरीदने के लिए दबाव बनाने के विरोध में पूर्व सैनिकों ने प्रदर्शन किया। पूर्व सैनिकों ने तहसीलदार वीरेंद्र सजवाण के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ज्ञापन भेजकर इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग की। मंगलवार को तहसील पहुंचे पूर्व सैनिकों ने कहा कि निजी विद्यालयों के द्वारा अभिभावकों का शोषण किया जा रहा है। अभिभावकों को महंगी पुस्तकों का दबाव बनाया जाता है। अभिभावकों को चुनिंदा दुकानों से महंगी निजी प्रकाशक की पुस्तके खरीदने के लिए बाध्य कर रहे हैं। फीस में अत्यधिक वृद्धि ट्यूशन फीस और अन्य शुल्कों को लगाकर की जा रही है।
एडमिशन फीस व अन्य गतिविधि के नाम पर शिक्षा को व्यापार बना दिया गया है। पूर्व सैनिकों ने खटीमा के निजी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्य रूप से लागू करने, फीस रेगुलेटरी कमेटी का गठन कर स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगाने की मांग की। यहां पूर्व सैनिक संगठन अध्यक्ष गंभीर सिंह धामी, इंद्र सिंह, होशियार सिंह, नारायण सिंह, नरेंद्र सिंह, धन सिंह सामंत, धन सिंह बोहरा, मनमोहन सिंह, कुंदन राम आदि थे।
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