
चेक बाउंस के दोषी की अपील खारिज, सजा बरकरार
संक्षेप: रुद्रपुर में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश मीना देउपा की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में दोषी सुंदर सिंह की अपील को खारिज कर दिया है। रमेश सिंह ने उसके खिलाफ सात लाख सत्तर हजार रुपये के चेक बाउंस होने पर शिकायत की थी। निचली अदालत ने उसे एक वर्ष की सजा और नौ लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया था।
रुद्रपुर, संवाददाता। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश मीना देउपा की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में दोषी की अपील को खारिज करते हुए निचली अदालत के सजा के फैसले को बरकरार रखा है। जानकारी के अनुसार, मामला जसपुर थाना क्षेत्र का है। परिवादी रमेश सिंह ने आरोपी सुंदर सिंह के खिलाफ सात लाख सत्तर हजार रुपये के चेक बाउंस होने पर परिवाद दायर किया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट जसपुर की अदालत ने 15 मई 2024 को सुंदर सिंह को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास और नौ लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया था। साथ ही आदेश दिया गया था कि अर्थदंड की राशि में से आठ लाख नब्बे हजार रुपये परिवादी को प्रतिकर के रूप में दिए जाएं।

आरोपी सुंदर सिंह ने इस फैसले के खिलाफ अपील करते हुए कहा था कि उसने कोई धनराशि नहीं ली थी और रिश्ते में फूफा लगने वाले रमेश सिंह ने उसके हस्ताक्षरित खाली चेकों का दुरुपयोग किया है। हालांकि, अपीलीय अदालत ने पाया कि आरोपी की यह दलील विश्वास योग्य नहीं है। अदालत ने माना कि आरोपी ने चेक बाउंस नोटिस मिलने के बाद ही बैंक और पुलिस को शिकायत दी थी, जबकि परिवादी ने विधिक प्रक्रिया के तहत समय सीमा में नोटिस भेजा था और आरोपी ने धनराशि लौटाने से इनकार किया था। अदालत ने इन तथ्यों के आधार पर निचली अदालत के निर्णय को सही मानते हुए दोषी आरोपी की अपील को खारिज कर दिया।

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