चेक बाउंस मामले में आरोपी को चार माह की सजा
रुद्रपुर में विशेष एनआई एक्ट न्यायालय ने चेक बाउंस मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए चार महीने की जेल और 2.35 लाख रुपये का अर्थदंड सुनाया। आरोपी ने एक ऋण पर चेक दिया था जो बाउंस हो गया। आरोपी ने अपनी बात साबित नहीं की, जिससे कोर्ट ने उसके खिलाफ फैसला दिया।

रुद्रपुर, संवाददाता। विशेष एनआई एक्ट न्यायाधीश रीतिका सेमवाल की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए चार माह के कारावास और 2.35 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जानकारी के अनुसार, श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी लिमिटेड की रुद्रपुर शाखा ने वर्ष 2019 में ग्राम नाखा कुंवरपुर सिसैया, सितारगंज निवासी मो. हारून पुत्र सफरूद्दीन को टाटा एसई ट्रक खरीदने के लिए 3,17,991 रुपये का ऋण प्रदान किया था। ऋण समझौते के तहत आरोपी को निर्धारित किस्तों में भुगतान करना था, लेकिन समय पर किस्तें जमा नहीं की गईं। कंपनी के अनुसार, ब्याज सहित बकाया राशि बढ़कर 5,15,551 रुपये हो गई।
बकाया राशि की मांग पर आरोपी ने 2.30 लाख रुपये का एक चेक कंपनी को दिया, जो बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गया। इसके बाद कंपनी की ओर से आरोपी को विधिक नोटिस भेजा गया, लेकिन निर्धारित अवधि के भीतर भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद कंपनी के पावर ऑफ अटॉर्नी धारक ने न्यायालय में परिवाद दायर किया। सुनवाई के दौरान आरोपी ने दावा किया कि उसने पूरा ऋण चुका दिया था और विवादित चेक केवल सुरक्षा के उद्देश्य से दिया गया था, लेकिन वह अपने पक्ष में कोई दस्तावेजी साक्ष्य, बैंक विवरण या अन्य प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। सभी साक्ष्यों और अभिलेखों के परीक्षण के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए चार माह के कारावास और 2.35 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की राशि में से 2.30 लाख रुपये परिवादी कंपनी को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे, जबकि 5,000 रुपये राजकोष में जमा किए जाएंगे। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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