बैंक को अवैध रूप से काटी गयी बीमा राशि ब्याज समेत देने के निर्देश
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने पीएमजजेबीवाई योजना के तहत बीमा दावा पर सुनाया फैसला

अजय जोशी, रुद्रपुर। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) में निर्धारित आयु सीमा से अधिक उम्र होने के बावजूद वर्षों तक प्रीमियम काटने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बैंक के खिलाफ फैसला सुनाया है। आयोग ने बैंक को अवैध रूप से काटी गई 4,054 रुपये की राशि 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए हैं। साथ ही मानसिक उत्पीड़न के लिए 30 हजार रुपये और वाद व्यय के रूप में पांच हजार रुपये अदा करने को कहा है। रुद्रपुर निवासी बाबू राम कश्यप ने आयोग में दायर परिवाद में बताया कि उनकी दादी लीला देवी का बैंक ऑफ बड़ौदा की गल्ला मंडी शाखा में खाता था, जिसमें वह नामित थे।
आरोप है कि बैंक ने वर्ष 2016 से प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के नाम पर लगातार प्रीमियम काटा। सात जुलाई 2025 को लीला देवी की मृत्यु के बाद बाबू राम ने दो लाख रुपये के बीमा क्लेम की मांग की, लेकिन बैंक ने भुगतान से इनकार कर दिया। मामले की सुनवाई करते हुए आयोग के अध्यक्ष राजीव कुमार खरे, सदस्य नवीन चन्द्र चंदोला और डॉ. मनीला ने कहा कि पीएमजेजेबीवाई योजना में शामिल होने की अधिकतम आयु 50 वर्ष निर्धारित है, जबकि वर्ष 2016 में लीला देवी की आयु करीब 60 वर्ष थी। आयोग ने इसे सेवा में स्पष्ट कमी माना। हालांकि आयोग ने मृत्यु को प्राकृतिक मानते हुए बीमा क्लेम खारिज कर दिया। आदेश में कहा गया है कि 45 दिनों में भुगतान न होने पर पूरी राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देय होगा।
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