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एपीओ को खटीमा न्यायालय से हटाया

खटीमा न्यायालय से एपीओ को हटाये जाने के बाद अधिवक्ताओं ने क्रमिक अनशन स्थगित कर दिया। वहीं अधिवक्ताओं ने अन्य दो मांगों के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखने का निर्णय लिया। 22 मई को कोर्ट परिसर में एपीओ गुलाब सिंह और अधिवक्ता लाला राम के बीच विवाद हो गया था। इस बीच मारपीट होने से विवाद बढ़ता गया। अधिवक्ताओं ने एपीओ के निलंबन समेत तीन सूत्रीय मांगों को लेकर क्रमिक अनशन शुरू किया। इधर, बुधवार को अधिवक्ता एसोसियेशन के अध्यक्ष हयात सिंह कुंवर के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का एक शिष्टमंडल डीएम से मिला। जिस पर डीएम ने तत्काल प्रभाव से एपीओ को खटीमा कोर्ट से हटाने के आदेश दिये। अधिवक्ताओं ने आदेश के साथ ही गुरुवार से आंदोलन स्थगित कर दिया। वहीं कहा कि झूठे मुकदमों को वापस लेने के लिए कानूनी लड़ाई जारी रहेगी। गुरुवार को बार की सदस्य अधिवक्ता तनुजा तिवारी के पिता की आकस्मिक मृत्यु होने पर अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहे। यहां कवीन्द्र कफलिया, हरीश दुबे, अकील अहमद, हरीश बिष्ट, एएनएस मेहता, हरीश ढौढियाल, केडी भट्ट, भरत पांडे, छत्तर सिंह, एचस कलसी, पीएस नगरकोटी, दीपक जुकरिया, दीपेन्द्र कंचन, आलोक भट्ट, मनोहर विश्वकर्मा चंचला, स्नेह प्रभा, अवधेश मौर्या, सुरेश मौर्या, शहाना बेगम, एमसी भट्ट, जरनैल सिंह, महेन्द्र, हेमन्त भट्ट, पीसी पंत, शमशेर प्रसाद, भगवन्त, सतनाम मल्ली, बनवारी लाल आदि मौजूद थे।

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  • Web Title:Apo removed from Khatima court, advocates calm