विश्वविद्यालय में आईसीएआर फल अनुसंधान परियोजना की 13वीं समूह चर्चा का भव्य उद्घाटन
गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के डा. रतन सिंह सभागार में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा संचालित ऑल इंडिया कोऑर्डिनेटेड रिसर्

पंतनगर, संवाददाता। गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के डॉ. रतन सिंह सभागार में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से संचालित ऑल इंडिया कोऑर्डिनेटर रिसर्च प्रोजेक्ट ऑन फ्रूट्स की 13 वीं समूह चर्चा का सोमवार को शुभारंभ हुआ। इसमें देशभर के 19 आईसीएआर संस्थान, 22 राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों, प्रतिनिधियों और छह राज्यों से आए प्रगतिशील किसानों ने सहभागिता की। मुख्य अतिथि विवि के कुलपति प्रो. मनमोहन सिंह चौहान ने कहा कि अनुसंधान का सीधा लाभ किसानों तक पहुंचना चाहिए। कुलपति ने उत्तराखंड के स्थानीय फलों बेडू, काफल सहित अन्य लघु फलों को उन्नत करने, जलवायु परिवर्तन के परिप्रेक्ष्य में शोध को मजबूत करने और तुड़ाई उपरांत होने वाले नुकसान को कम करने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने उद्यान अनुसंधान केंद्र, पत्थरचट्टा में ड्रैगन फ्रूट, अंगूर और एवोकाडो जैसे नए फलों के रोपण की भी जानकारी दी। आईसीएआर के सहायक महानिदेशक (फल एवं बागवानी फसलें) डॉ. वीबी पटेल ने वर्चुअल संबोधन में कहा कि बदलते जलवायु परिदृश्य में उच्च गुणवत्ता, पोषक तत्वयुक्त नई फल किस्मों के विकास और उत्पादकता बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने फल प्रजातियों के पंजीकरण पर भी बल दिया। इस अवसर पर विभिन्न विशेषज्ञों ने कीट-रोग प्रतिरोधी किस्मों, आंकड़ा आधारित शोध और एआई आधारित तकनीकों के उपयोग पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान ‘आम, अमरूद एवं लीची की उत्पादन वृद्धि के लिए प्रौद्योगिकी टोकरी’ नामक प्रकाशन का विमोचन किया गया तथा छह राज्यों से आए प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया।
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