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शिव-पार्वती विवाह की झांकी निकाली

जखोली ब्लॉक की सिलगढ़ पट्टी के कंडाली में स्थित अर्द्ध जलकेदारेश्वर महादेव मंदिर में शिव महापुराण कथा को लेकर शुक्रवार को शिव-पार्वती विवाह की...

शिव-पार्वती विवाह की झांकी निकाली
हिन्दुस्तान टीम,रुद्रप्रयागFri, 09 Feb 2024 05:00 PM
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जखोली ब्लॉक की सिलगढ़ पट्टी के कंडाली में स्थित अर्द्ध जलकेदारेश्वर महादेव मंदिर में शिव महापुराण कथा को लेकर शुक्रवार को शिव-पार्वती विवाह की झांकी निकाली गई, जिसमें भारी संख्या में लोगों ने प्रतिभग किया।
जन कल्याण, विश्व एवं क्षेत्र की खुश समृद्धि के लिए ग्रामीणों के सहयोग से महात्मा चंदन पुरी जी महाराज के सानिध्य में शिवालय में आयोजित शिव पुराण में आचार्य जगदम्बा प्रसाद उनियाल जी के मुखार बिंद से कथा प्रारंभ हुई। इस मौके पर ग्राम प्रधान पूजा थपलियाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्मला बहुगुणा, इंद्रासणी मंदिर के मठापति मगनानंदभट्ट, अध्यक्ष जगत सिंह बुटोला के अलावा कंडाली, सिरसोलिया, महरगांव, जैली, पाली, सीसों, भीमली, पंद्रोला रामपुर, कुमडी़ पट्टीधार की कीर्तन मंडली, महिला मंगल दलों सहित ग्रामीण हर दिन भागीदारी कर रहे हैं। शिव महापुराण में व्यासपीठ पर आचार्य जगदम्बा प्रसाद उनियाल द्वारा हिंदी गढ़वाली भाषा में कथा रसपान कराया जा रहा हैं। पंडित आशाराम जोशी, अजय बड़थ्वाल, शुभम कुड़ियाल, अमित मुसान, दीपक नौटियाल, सौरभ भट्ट, रोहित शर्मा आदि पूजा अर्चना में अपनी सहभागिता कर रहे है। शिव-पार्वती विवाह में जैली गाँव के लोग घराती और कंडाली गांव के लोग बाराती के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर जैली गाँव की तरफ से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।

यह है जल केदारेश्वर मंदिर का महत्व

जखोली विकास खंड की सिलगढ़ पट्टी के कंडाली गाँव में स्थित इस जल केदारेश्वर मंदिर का केदारखंड में वर्णन है। बताते हैं कि जब कभी भगवान भोले केदार के दर्शन कोई भक्त नहीं कर पा रहा हो तो यहां के दर्शन कर बराबर का लाभ अर्जित कर सकेगा। इस मंदिर में यह विशेषता है कि यहां प्राचीन शिवलिंग है जो सदैव जलमग्न रहता है। मंदिर के समीप विशाल दलदली भूमि है, जिस के अंदर मंदाकिनी नदी तक 360 जलकुंडिया बताई गई है। यह शिवलिंग त्रिकोण रूप में है। इस मंदिर के निकट ही मां इंद्रासनी देवी का मंदिर भी स्थित है। कई दशकों बाद यहां पर शिव महापुराण का आयोजन किया जा रहा है, जिसमे संपूर्ण क्षेत्रवासियों की सहभागिता है। इस मंदिर और स्थल के प्राचीन महत्व को देखते हुए रुद्रप्रयाग के विधायक भरत सिंह चौधरी एवं श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय के अनुरोध पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की टीम ने भी विगत माह इस मंदिर का निरीक्षण किया है।

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