Hindi NewsUttarakhand NewsRudraprayag NewsDevara Yatra of Goddess Kalimai at Siddhpeeth Kalimath A Spiritual Journey Celebrated with Devotion
चौमासी से स्यासूंगढ़ पहुंची कालीमाई की देवरा यात्रा

चौमासी से स्यासूंगढ़ पहुंची कालीमाई की देवरा यात्रा

संक्षेप:

सिद्धपीठ कालीमठ की कालीमाई की देवरा यात्रा बुधवार को जाल मल्ला से चामुण्डा मंदिर होते हुए चौमासी और स्यासूगढ़ पहुंची। गांव में मां भगवती कालीमाई का भव्य स्वागत किया गया। कालीमाई ने भक्तों को आशीर्वाद दिया और यात्रा में शामिल सभी को भावुक विदाई दी।

Dec 17, 2025 03:23 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रुद्रप्रयाग
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सिद्धपीठ कालीमठ की कालीमाई की देवरा यात्रा बुधवार को जाल मल्ला से चामुण्डा मंदिर होते हुए सुदरवर्ती गांव चौमासी और स्यासूगढ़ पहुंची। गांव में पहुंचते ही मां भगवती कालीमाई का भव्य स्वागत किया गया। जाल मल्ला में पंचों द्वारा मां कालीमाई का पूजन अर्चन कर अर्घ्य भेंट किया गया। चौमासी के पंच परंपरागत दही चीनी के साथ माता के बुलावे के लिए पहुंचे। कालीमाई द्वारा सभी भक्तों को आशीर्वाद देते हुए चौमासी से स्यासूगढ़ के लिए प्रस्थान किया। मार्ग में कालीमाई की देवरा यात्रा चामुण्डा के प्राचीन भंडार एवं कालीमठ की धियाणियों के घरों पर भी रुकी। इन स्थानों पर देवरा यात्रियों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई थी।

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अर्घ्य अर्पित करने के बाद मां कालीमाई द्वारा धियाणियों एवं भक्तों को आशीर्वाद दिया गया। यात्रा पुराने पैदल मार्ग से होते हुए खड़ी चढ़ाई चढ़ने के बाद चौंराधार में बने चामुण्डा के मंदिर में पहुंची। यहां पर देवरा यात्रियों द्वारा चामुण्डा माता की सूक्ष्म पूजा अर्चना की गई। चौमासी और स्यासूगढ़ की महिलाएं भी कालीमाई की अगवानी के लिए पहुंची। भक्तों द्वारा भजन और जयकारों से भगवती कालीमाई का स्वागत किया गया। सड़क मार्ग में जाल मल्ला की यात्रा के साथ चल रही महिलाओं, बच्चों, एवं पुरुषों को आशीर्वाद देते हुए विदा किया। विदा लेते हुए सभी की आंखें नम हो गई। सभी भक्त भगवती कालीमाई का गुणगान करते हुए चौमासी से स्यासूगढ़ पहुंचे। इससे पहले चौमासी में देवरा यात्रा जाख देवता के मंदिर में पहुंची। कालीमाई द्वारा जाख देवता को माला एवं चुनरी भेंट की गई। यहां पर जलपान के बाद यात्रा चौमासी के पंचायती चौक में पहुंची जहां पर ग्रामीणों द्वारा भगवती कालीमाई सहित सम्पूर्ण पंचगाईं के यात्रियों का फूल मालाओं से स्वागत किया। गांव की परंपरानुसार ग्रामीणों द्वारा सभी देवरा यात्रियों एवं कालीमाई के रक्षण के लिए छाना डाला गया। पुनः माता की डोली द्वारा भक्तों व धियाणियों को आशीर्वाद देकर निवास के लिए नियत स्थान पर पहुंची। इस मौके पर देवरा यात्री कुलदीप सिंह तिंदोरी प्रधान, प्रियंका देवी तिंदोरी महिला मंगल दल अध्यक्ष, मोहन सिंह तिंदोरी, दलबीर सिंह तिंदोरी, अवतार सिंह तिंदोरी, देवेंद्र नेगी, महेंद्र नेगी आदि मौजूद थे।