DA Image
Friday, December 3, 2021
हमें फॉलो करें :

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ उत्तराखंड रुद्रप्रयागएएनएम स्वास्थ्य कर्मियों ने डीएम कार्यालय में धरना किया शुरू

एएनएम स्वास्थ्य कर्मियों ने डीएम कार्यालय में धरना किया शुरू

हिन्दुस्तान टीम,रुद्रप्रयागNewswrap
Sun, 14 Nov 2021 05:30 PM
एएनएम स्वास्थ्य कर्मियों ने डीएम कार्यालय में धरना किया शुरू

कोविड संकट के दौरान जान जोखिम में डालकर वैक्सीनेशन करने वाली एएनएम कर्मियों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू किया है। आक्रोशित कर्मियों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा आउट सोर्स कंपनी के माध्यम से नए एएनएम की भर्ती की जा रही है, जबकि पूर्व में तैनात हैं, कर्मियों को सेवा से हटाया जा रहा है। कोविड काल में दिन-रात जान जोखिम में डालकर सुदूरवर्ती गांवों में कार्य करने के सात माह गुजर जाने के बाद उन्हें वेतन नहीं दिया गया। जबकि अब, बिना विज्ञप्ति प्रकाशित किए आउट सोर्स कंपनी के माध्यम से नई एएनएम की भर्ती की जा रही है, जिनका इंटरव्यू आगामी 16 नवंबर को होना है।

आंदोलन के दौरान नाराज एएनएम कर्मियों ने कहा कि कोविड-19 के दौरान एक ओर लोग एक दूसरे से दूरी बना रहे थे और अपने लोगों को ही अपने पास तक आने नहीं दे रहे थे। वहीं ऐसे दौर में जल्द से जल्द सभी लोगों का कोविड का टीकाकरण करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तब उपनल के जरिए एएनएम कार्मिकों की भर्ती की। उन्होंने करीब 7 माह की अल्प समय में ही पूरे जिले का वैक्सीनेशन कर दिया, किंतु अब स्वास्थ्य विभाग इन्हें बाहर करने की तैयारी कर रहा है जबकि आउटसोर्सिंग के जरिए इनकी जगह पर अन्य लोगों की तैनाती करने की तैयारी है। हालांकि इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने कोई विज्ञप्ति प्रकाशित नहीं की है। बताया जा रहा है कि यह सब कार्य अंदर खाने हो रहा है किंतु 16 नवंबर को स्वास्थ्य विभाग द्वारा 81 नए लोगों का इंटरव्यू लिया जाना है। इसी को देखते हुए पूर्व में तैनात एएनएम कार्मिकों द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय में आंदोलन शुरू दिया गया है। उनका कहना है जब तक आउट सोर्स के माध्यम से की जा रही है नई भर्ती पर रोक नहीं लग जाती है और पूर्व में तैनात उपनल कर्मियों को यथावत नहीं रखा जाता है वह अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी बताया स्वास्थ्य विभाग द्वारा उन्हें 7 माह से वेतन नहीं दी गई है जबकि 3000 की प्रोत्साहन राशि एवं 100 रोज खाने के पैसे दिए जाने की बात की गई थी। उन्हें कुछ भी नहीं दिया गया है। कुछ लोगों को महज 2 माह की वेतन जरूर दिया गया है किंतु अधिकांश को वेतन नहीं दिया गया है। जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट भी पैदा हो गया है। कर्मियों ने कहा कि यदि उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वह आंदोलन के साथ-साथ हाईकोर्ट जाने को मजबूर होंगी।

सब्सक्राइब करें हिन्दुस्तान का डेली न्यूज़लेटर

संबंधित खबरें