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28 अक्तूबर, 2020|5:52|IST

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उद्योगों से लेकर सीमा सुरक्षा तक पर होगा काम

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आईआईटी रुड़की को नेशनल मिशन ऑफ इंटर डिस्पलिनरी साइबर-फिजिकल सिस्टमस (एनएम-आईसीपीएस) के तहत एक टेक्नोलॉजी हब प्राप्त होगा। यह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की वित्तीय सहायता से स्थापित किए जा रहे 25 केंद्रों में से एक है। आईहब नाम का यह केन्द्र 356 मूलभूत प्रौद्योगिकियों के लिए वन-स्टॉप सॉल्यूशन का काम करेगा। अगले पांच साल के लिए मंजूर 135 करोड़ रुपये में से 7.25 करोड़ पहले ही जारी किया जा चुका है।

आईआईटी रुड़की के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख प्रो. सुदेब दासगुप्ता ने कहा कि साइबर-फिजिकल सिस्टम उन्नत तकनीकों का समावेशन है। जो उद्योगों की चुनौतियों के समाधान के लिए काम करेगा। यह नवाचार और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने वाले पारिस्थितिकीय तंत्र का भी निर्माण करेगा। यह पहल हमें एक नए भारत के निर्माण का अवसर देगी। यह रोजगार के कई प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष अवसरों को पैदा करेगा। अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए यह कई देशी-विदेशी संस्थानों के साथ-साथ राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग और औद्योगिक भागीदारी की संभावनाओं का पता लगाने का काम भी करेगा।

डीन एसआरआईसी, आईआईटी रुड़की मनीष श्रीखंडे ने कहा कि इस कदम से ज्ञान साझा करने और सहयोग करने, कार्यबल के कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस हब के तहत आईआईटी रुड़की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक और औद्योगिक भागीदारों के साथ मिलकर कई उत्पादों को विकसित करने का काम करेगा। पहाड़ी इलाकों में सीमा सुरक्षा के लिए मल्टी-एजेंट-बेस्ड निगरानी और परिवहन नेविगेशन प्रणाली तथा स्वास्थ्य के देखभाल के लिए एक बॉडी मूवमेंट-बेस्ड एनर्जी हार्वेस्टर भी प्रस्तावित विकास लक्ष्यों में शामिल है।

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  • Web Title:Work will be done from industries to border security