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5 दिसंबर, 2020|2:19|IST

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सफाई कर्मियों की पालिका प्रशासन से वार्ता विफल

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आउटसोर्स के माध्यम से नगरपालिका को अपनी सेवाएं दे रहे सफाई कर्मियों को वेतन न मिलने का मामला एक बार फिर तूल पकड़ता दिख रहा है। सफाईकर्मी ने वेतन की मांग कर रहे हैं। पालिका प्रशासन का कहना है कि ठेकेदार को भुगतान किया जा चुका है। एक ही मद में दो बार भुगतान का कोई प्रावधान नहीं है। शुक्रवार को दोनों पक्षों में वार्ता हुई। लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद सफाई कर्मियों का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस से भी मिला।

नगर पालिका के पास आबादी के लिहाज से नियमित सफाई कर्मचारियों की संख्या काफी कम है। इसके चलते पालिका नगर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए ठेके पर सफाई मजदूरों की व्यवस्था करती है। जिसके चलते एक ठेकेदार को मजदूरों की आपूर्ति का ठेका दिया गया था लेकिन आरोप है कि ठेकेदार द्वारा सफाई मजदूरों का भुगतान नहीं किया गया।

इसके चलते गत दिनों ठेका सफाई कर्मी तथा नियमित सफाई कर्मी दोनों ही करीब एक सप्ताह तक हड़ताल पर रहे थे। इस कारण नगर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई थी। प्रशासन के हस्तक्षेप के चलते सफाई कर्मियों ने हड़ताल समाप्त किए जाने का फैसला किया था। अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ की ओर से दिए गए पत्र में कहा गया था कि एक नवंबर तक उन्हें वेतन नहीं मिलता तो दो नवंबर से सभी सफाई कर्मचारी पालिका कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर देंगे।

नगर पालिका अध्यक्ष हाजी दिलशाद अली तथा अधिशासी अधिकारी शाहिद अली द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों तथा उनके प्रतिनिधित्व कर रहे संघ पदाधिकारियों से बातचीत की। लंबी वार्ता के बाद कोई हल नहीं निकला। पालिकाध्यक्ष का कहना है कि उन्होंने कर्मचारियों से हड़ताल न किए जाने की अपील की है। पालिका कर्मचारियों का भुगतान ठेकेदार को कर चुकी है।15 दिन का भुगतान ठेकेदार द्वारा कर्मचारियों को दिया गया है 45 दिन का भुगतान बाकी है। जो कि ठेकेदार की ओर से किया जाना है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने भी उन्हें आश्वासन दिया है कि वह जहां तक भी हो सकेगा, हड़ताल नहीं करेंगे।

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  • Web Title:Talks with the municipal administration of sanitation workers fail