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धरती पर धर्म की हानि पर होते हैं ईश्वर अवतारित: शास्त्री महाराज

धरती पर धर्म की हानि पर होते हैं ईश्वर अवतारित: शास्त्री महाराज

गणेशपुर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथा वाचक विजय शास्त्री महाराज ने कहा कि जब-जब धरती पर पाप बढ़ता है तब-तब ईश्वर पृथ्वी पर अवतरित होते हैं। वृंदावन से आए कथा वाचक विजय शास्त्री महाराज ने श्रद्धालुओं को बताया कि श्रीकृष्ण 16 कलाओं से परिपूर्ण भगवान विष्णु के अवतार हैं। कहा जब-जब धरती पर धर्म की हानि होती है और पाप बढ़ता है। तब भगवान को पापियों का नाश करने के लिए पृथ्वी पर अवतरित होना पड़ता है। भगवान को अपने भक्त से कुछ नहीं चाहिए और याचक उन्हें दे भी क्या सकता है। भगवान केवल श्रद्धा और आस्था के भूखे होते हैं। यदि उन्हें सच्चे मन से भक्ति कर याद किया जाए, तो वे उसी रूप और स्थान पर दर्शन देते हैं जहां भक्त चाहे। कहा जिस किसी पर कृष्ण की कृपा हो जाती है उसे संसार के सभी सुख और वैभव स्वत: ही प्राप्त हो जाते हैं। कथा में पार्षद पति संजय चैधरी उर्फ गुड्डू, बबली तोमर, लखनसिंह, उत्तम, जितेंद्र तोमर, कविता, कौशल, राकेश, कुलदीप, कृष्णपाल, शर्मिला, महेंद्र, संगीता और सोनिया सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।

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  • Web Title:On the loss of religion on earth, God is incarnated