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6 अगस्त, 2020|6:42|IST

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आजादी के शहीदों को याद किया

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मानवाधिकार संगठन ब्यूरो ने चंद्रशेखर आजाद की 114 वीं और बाल गंगाधर तिलक की 164 वीं जयंती पर उन्हें याद किया।

कार्यक्रम में अध्यक्षता कर गोरखा समाज के अध्यक्ष जसवंत सिंह थापा ने देशभक्त चंद्रशेखर आजाद और बाल गंगाधर तिलक के जीवन पर प्रकाश डाला। कहा कि आज़ाद ने देश को स्वतंत्र करने के लिए अपने प्राणों की परवाह नहीं की। अंग्रेज उन्हें पकड़ नहीं पाए। जब ऐसी नौबत आने लगी तो उन्होंने खुद को गोली मार भारत माता की आजादी पर न्यौछावर कर इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया था।

ब्यूरो अध्यक्ष नवीन जैन ने कहा कि हम देश की आज़ादी के लिए चंद्रशेखर आजाद और बाल गंगाधर तिलक ने अंग्रेजी हुकूमत से टक्कर ली। भारत माता को आजाद कराने लिए अपने प्राणों को हंसते-हंसते न्यौछावर कर दिया था। शहीद आजाद ने देश की क्रांति में कम उम्र में सहभागिता शुरू कर दी थी। शहीद भगत सिंह, बटुकेश्वर दत्त आदि क्रांतिकारियों के साथ मिलकर आजाद ने क्रांति का बिगुल फूंका था।

इस दौरान पंकज जैन, नरेश कुमार, अशोक कुमार, सुनील गोयल, अभिनव, नूरहसन, सहजाद अल्वी, जाकिर, सचिन ,सूरज वर्मा, संदीप कुमार, सपना चौहान आदि मौजूद रहे।

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  • Web Title:Missed the martyrs of independence