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धरती पर शिल्पकला के जनक थे भगवान विश्वकर्मा

लक्सर के भाजपा विधायक संजय गुप्ता ने वैदिक परंपरा के मुताबिक हवन व पूजापाठ के बाद कार्यक्रम की शुरूआत की। उन्होंने कहा कि भगवान विश्कर्मा देवताओं के...

धरती पर शिल्पकला के जनक थे भगवान विश्वकर्मा
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,रुडकीFri, 17 Sep 2021 03:10 PM
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लक्सर में धीमान समाज के लोगों ने धूमधाम से विश्वकर्मा जयंती मनाई। मुख्य अतिथि लक्सर विधायक संजय गुप्ता ने कहा कि धरती पर भगवान विश्वकर्मा ने ही शिल्पकला व वास्तुकला की शुरूआत की थी। उन्होंने विश्वकर्मा को धीमान समाज ही नहीं बल्कि सभी वर्गों का आदर्श बताया।

विश्वकर्मा जयंती पर लक्सर में शुक्रवार को भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। लक्सर के भाजपा विधायक संजय गुप्ता ने परंपरा अनुसार हवन व पूजापाठ के बाद कार्यक्रम की शुरूआत की। उन्होंने कहा कि भगवान विश्कर्मा देवताओं के शिल्पकार थे। असुरों को नष्ट करने के लिए महर्षि दधिची ने अपने शरीर की हड्डियां दान दी थीं। उनसे वज्र का निर्माण भी भगवान विश्वकर्मा ने ही किया था। लक्सर नगरपालिका अध्यक्ष अंबरीष गर्ग ने कहा कि रावण के लिए सोने की लंका, भगवान श्रीकृष्ण के लिए द्वारिका नगरी और पांडवों के लिए इंद्रपस्थ व हस्तिनापुर भी भगवान विश्वकर्मा के ही कौशल की देन थे। हरिद्वार के पूर्व जिला शिक्षाधिकारी हनुमान प्रसाद विश्वकर्मा, मुनेश परमार, महेंद्र धीमान, ओमदत्त धीमान, डॉ. महीपाल और ओमप्रकाश धीमान ने भी विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता साधूराम धीमान व संचालन चंद्रपालन धीमान ने किया। कार्यक्रम में रामकिशोर, सुशील कुमार, प्रदीप धीमान, श्यामलाल, मुकेश धीमान, रामकिशन धीमान, राहुल गर्ग, सुरेश धीमान, राकेश धीमान, किशोर धीमान, वेदप्रकाश, सुखवीर सिंह, कृष्णवीर सिंह आदि लोग मौजूद रहे।

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