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29 सितम्बर, 2020|3:41|IST

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पैदल और साइकिल पर निकले मजदूर

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नगर के बस स्टैंड पर घर के लिए निकले मजदूर शुक्रवार को पहुंचे। एक टोली में कुछ लोग साइकिलों पर सवार थे। इनमें एक महिला भी थी। जबकि दूसरी टोली में तीन युवक शामिल हैं जो कि पंजाब के लुधियाना से पिछले सात दिनों से पैदल चलकर यहां तक पहुंचे हैं।लॉकडाउन में मजदूरों की यह टोलियां अपने घर जाने के लिए निकली हुई है। मंगलौर में कुछ लोगों ने इनको खाने के लिए सामान उपलब्ध करा पानी की बोतलें दी। उसके बाद यह लोग फिर से अपनी मंजिल की ओर बढ़ गए। लुधियाना पंजाब से तीन युवक पिछले सात दिनों से पैदल चलकर मंगलौर पहुंचे। युवक अखिलेश, राहुल तथा चितरंजन का कहना है कि वह बिहार के समस्तीपुर जाना चाहते हैं जहां पर उनका घर है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के चलते न तो उनके पास खाने के लिए पैसे हैं न किराया देने के लिए। जिसके चलते उन्होंने किसी भी तरह से वहां से पैदल ही यात्रा शुरू की। रास्ते में कुछ लोगों ने उनकी मदद भी की खाने के लिए भी दिया। जिसके चलते वे अब भी इसी उम्मीद में पैदल चल रहे हैं कि किसी दिन घर तो पहुंच ही जाएंगे। वहीं मजदूरों की दूसरी टोली में एक महिला भी शामिल है इस डोली में बाबूराम, संदीप, महेंद्र, मुखरानी, अनिल, जयराम, सचिन, राघव शामिल हैं। यह लोग हरियाणा के यमुनानगर जगाधरी स्थित स्टील के बर्तन बनाने वाली फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं। लॉकडाउन होने के बाद फैक्ट्री पूरी तरह से बंद है जिसके बाद इनको न तो ठेकेदार ने पैसे दिए और ना ही कंपनी के मालिक ने जिसके बाद इनके सामने रोटी का संकट खड़ा हो गया। किसी प्रकार अब यह लोग साइकिलों पर अपने घरों की ओर निकले हैं। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में पहुंचना है जो कि अयोध्या फैजाबाद जिले से आगे है।