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29 सितम्बर, 2020|3:38|IST

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भूमि पूजन के साथ चंद्रशेखर आजाद प्रतिमा विवाद का पटाक्षेप

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रुड़की में पिछले तीन साल से सियासत का केंद्र रहे चंद्रशेखर आजाद प्रतिमा विवाद मामले का आखिर पटाक्षेप हो गया। मेयर गौरव गोयल ने पुराने स्थान पर भूमि पूजन किया। नगर निगम की ओर से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। मामले से जुड़े अन्य लोग भी मौके पर पहुंचे।

साल 2017 में अगस्त-सितंबर में सिविल लाइंस में चंद्रशेखर चौक पर रखी चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा को पुराने स्थल से हटाकर चौक के बीच में रख दिया गया था। विधायक प्रदीप बत्रा की ओर से यातायात संचालन और सौंदर्यीकरण का हवाला देते हुए प्रतिमा को नए स्थान पर शिफ्ट कराया गया था। प्रतिमा शिफ्ट होते ही शहर में विवाद हो गया और इस पर सियासत भी जमकर हुई। विभिन्न सामाजिक और राजनैतिक दलों के लोग प्रतिमा को पुरानी जगह पर लगाने की मांग करने लगे। विधायक बत्रा और तत्कालीन मेयर यशपाल राणा के बीच इस मुद्दे को लेकर तलवारें खिंच गई। यशपाल राणा ने निगम की ओर से प्रतिमा को पुराने स्थान पर लगाने के लिए टेंडर जारी कर दिए। लेकिन मामला नहीं सुलझ पाया। करीब एक सप्ताह पहले प्रतिमा को पुरानी जगह लगाने के लिए चंद्रशेखर आजाद यूथ ब्रिगेड का गठन किया गया। ब्रिगेड ने प्रतिमा नहीं लगाने पर एक सितंबर से धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। जेएम नमामि बंसल से ब्रिगेड की वार्ता हुई और प्रतिमा को पुराने स्थल पर लगाने की राह खुल गई। ब्रिगेड की ओर से निर्माण कार्य कराए जाने की बात कही गई थी। इस बीच मंगलवार सुबह आठ बजे मेयर गौरव गोयल ने भूमि पूजन कर निर्माण कार्य शुरू करा दिया। निगम की ओर से पहले जारी किए गए टेंडर को रिन्यू कर निर्माण कराया जाएगा। ब्रिगेड के सदस्यों के साथ ही मामले से जुड़े लोग भी धीरे-धीरे निर्माण स्थल पर पहुंचे।

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  • Web Title:Intervention of Chandrashekhar Azad statue controversy with Bhoomi Pujan