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6 दिसंबर, 2020|7:18|IST

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आईआईटी की तकनीकी क्वारंटाइनों पर रखेगी निगाह

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आईआईटी रुड़की ने कोरोना संदिग्धों की निगरानी के लिए खास ट्रेकिंग मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया है। ऐप संदिग्ध व्यक्तियों को ट्रैक कर उसके आसपास जियोफेंसिंग का निर्माण कर सकता है। क्वारंटाइन हुए व्यक्ति द्वारा जियोफेंसिंग का उल्लंघन करने पर ऐप के जरिये सिस्टम को अलर्ट प्राप्त हो जाएगा।

आईआईटी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. कमल जैन ने बताया कि विभाग की ओर से यह एल्पिकेशन बनाया गया है। किसी भी वजह से जीपीएस डेटा प्राप्त नहीं होता है तो लोकेशन का पता स्वचालित रूप से मोबाइल टावरों के ट्राईन्ग्युलेशन से प्राप्त किया जा सकेगा। अगर किसी खास जगह पर इंटरनेट काम नहीं कर रहा है तो उस जगह का पता एसएमएस के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा। ऐप के बंद होने की स्थिति में अलर्ट प्राप्त होगा।

डिवाइस पर एसएमएस भेजकर व्यक्ति के जगह का पता प्राप्त किया जा सकता है। यह क्वारंटाइन व्यक्तियों, जगहों की तस्वीरों को एक सर्वर पर जियोटैग इमेज अपलोड करने वाले एक गुगल मैप पर साझा किया जाएगा। निगरानी करने वाले मैप पर सभी रिपोर्ट देख सकते हैं। ट्रैकिंग सिस्टम अत्याधुनिक निगरानी करता है। क्वारंटाइन प्रबंधन में यह खासतौर से काम आए। आईआईटी के निदेशक प्रो. अजीत चतुर्वेदी ने कहा कि संस्थान सरकार के प्रयासों में सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह प्रणाली कोविड-19 संदिग्धों की ट्रैकिंग और निगरानी में बहुत मदद करेगी।ऐसे करेगा कामयह निगरानी प्रणाली एक प्लग एंड प्ले डिवाइस है। यह 2, 10 या 20 सेकंड के अंतराल पर सूचनाओं के माध्यम से 5 मीटर तक की सटीकता के साथ ट्रैकिंग कर सकता है।

लाइव ट्रैकिंग के अलावा निगरानीकर्ता किसी व्यक्ति की पूरी मूवमेंट हिस्ट्री जान सकता है। डेटा के नुकसान की स्थिति में डिवाइस संबंधित टीम को अलर्ट भेजता है। ऐप की अन्य विशेषताओं में मल्टी-कैमरा सपोर्ट, सर्विलांस मैग्नेटिक डिवाइस, हाल्ट टाइम और प्रीसेट ऑटो कैमरा क्लिक शामिल हैं।

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  • Web Title:IIT will keep an eye on technical quarantines