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1 जुलाई, 2020|4:30|IST

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आईआईटी के छात्रा कनाडा में कर पाएंगे शोध

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आईआईटी रुड़की ने कनाडा के अलबर्टा यूनिवर्सिटी के साथ ज्वाइंट डॉक्टरेट डिग्री प्रोग्राम (जेडीपी) प्रदान करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। अलबर्टा यूनिवर्सिटी और आईआईटी छात्रों को छह महीने से एक साल तक संस्थान में शोध करने का असवार देंगे। छात्रों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव और स्नातक स्तर के ऊपर विशेष प्रमाण प्रदान किया जाएगा।

आईआईटी रुड़की, आईआईटी बांम्बे और आईआईटी खड़गपुर के साथ भारतीय और कनाडाई छात्रों को जेडीपी प्रदान करने वाले तीन आईआईटी में से एक है। आईआईटी रुड़की के डायरेक्टर प्रो. अजीत चतुर्वेदी ने कहा कि यह समझौता शिक्षा के क्षेत्र में भारत-कनाडा के संबंधों को मजबूत करने के लिए एक नया अध्याय शुरू करेगा। आईआईटी रुड़की 1980 के दशक से अलबर्टा यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर दीर्घकालिक अनुसंधान सहयोग को बढ़ाने और औपचारिक रूप देने के लिए तत्पर हैं। हमारे छात्रों के प्रदर्शन की गुणवत्ता में सुधार के अलावा जेडीपी समझौते से अनुसंधान सहयोग को और अधिक ऊंचाई मिलने की उम्मीद है। अलबर्टा यूनिवर्सिटी और आईआईटी के प्रोफेसर ज्वाइंट सुपरवाइजर के रूप में काम करेंगे और छात्रों को उनके डॉक्टरेट अध्ययन के दौरान शोध करने के लिए अनुसंधान परियोजनाओं की पहचान करवाएंगे। समझौते को लेकर अलबर्टा यूनिवर्सिटी के प्रेजिडेंट डॉ. डेविड एच. टरपिन ने कहा कि इन कार्यक्रमों से डॉक्टरेट छात्रों को दृष्टिकोण और कौशल प्रदान करने के नए अवसर पैदा होते हैं। जो वैश्विक समाज को लाभान्वित करेगा। आईआईटी जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से जुड़ते हैं, तो हम टीचिंग, लर्निंग और रिसर्च के लिए नई क्षमता का विकास करते हैं। अलबर्टा यूनिवर्सिटी के वाइस-प्रोवोस्ट व एसोसिएट वाइस-प्रेजिडेंट (इंटरनेशनल) डॉ. केन हुआंग ने कहा कि भारत के साथ अलबर्टा यूनिवर्सिटी का समग्र संबंध बहुत महत्वपूर्ण है और वैश्विक मुद्दों के लिए अभिनव समाधान तलाशना इस संबंध की प्राथमिकता है। आईआईटी रुड़की के डीन ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस प्रो. पी. अरुमुगम ने कहा कि हाल के दिनों में अलबर्टा यूनिवर्सिटी के साथ हमारा अकादमिक सहयोग, छात्रों और शिक्षकों के प्रगतिशील आदान-प्रदान का गवाह बन रहा है।

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  • Web Title:IIT students will be able to do research in Canada