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10 अगस्त, 2020|9:25|IST

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गंगा के पानी में उतार, चढ़ाव से अटकी किसानों की सांस

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पिछले तीन दिन से गंगा और सोलानी नदी में पानी का स्तर कभी ज्यादा तो कभी कम हो रहा है। दोनों नदियों में पानी के रुख को देखते हुए किनारों के आसपास बसे गांवों के लोग बाढ़ आने की आशंका को लेकर भयभीत दिख रहे हैं। हालांकि तहसील प्रशासन अभी आपदा की संभावना से इंकार कर रहा है। करीब एक हफ्ते से पहाड़ के साथ ही मैदानी जिलों में भी बारिश हो रही है। बारिश के कारण गंगा और इसकी सहायक नदियां उफान पर हैं। पिछले तीन दिन से लक्सर क्षेत्र में गंगा व सोलानी नदियों का जलस्तर कभी कम तो कभी ज्यादा हो रहा है। इस दौरान पानी का स्तर 292.20 से 292.60 तक पहुंच गया है। रविवार सुबह भी गंगा का जलस्तर 292.35 मीटर पर था, जबकि चेतावनी का स्तर 293 मीटर है। पानी के स्तर में हो रहे उतार- चढ़ाव ने नदियों के आसपास बसे गांवों के किसानों की सांस अटका रखी है। मथाना के केपी तोमर, मोहम्मदपुर के राजवीर सिंह, हस्तमौली के कर्णपाल सिंह, महेसरा के गुरविंदर सिंह ने बताया कि सोलानी में इस समय काफी पानी है। ऊपर से और पानी छोड़ा गया तो पानी किसानों के खेतों में भरेगा, जिससे उनकी फसलें बर्बाद हो जाएंगी। उधर, डुमनपुरी के रविपाल सैनी, कलसिया के मुकेश कुमार, पोड़ोवाली के संजय कुमार ने बताया गंगा फिलहाल तटबंध से सटकर बह रही है। बढ़ोतरी होने पर खानपुर के बालावाली, मोहनावाला, डेरियो, बादशाहपुर, खानपुर, इदरीशपुर, शेरपुर बेला, चंद्रपुरी खुर्द, चंद्रपुरी कलां, दल्लावाला व यूपी के रामसहायवाला, हिम्मतपुर बेला में नुकसान होगा। उधर, एसडीएम पूरण सिंह राणा का कहना है कि फिलहाल गंगा खतरे के निशान से काफी दूर है। इसलिए आपदा की दूर, दूर तक संभावना नहीं है। फिर भी प्रशासन सतर्क है और गंगा के जलस्तर की हर दो घंटे पर रिपोर्ट ली जा रही है।

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  • Web Title:Ganga water ups and downs farmers 39 breath stuck