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24 सितम्बर, 2020|10:09|IST

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सिविल अस्पताल में डॉक्टरों ने काला फीता बांधकर काम किया

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रुड़की के सिविल अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों ने काला फीता बांधकर काम किया। प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ से जुड़े चिकित्सक पांच सूत्रीय मांगों को लेकर सात दिन तक काला फीता बांधकर काम करेंगे। मांग पूरी नहीं होने पर कार्य बहिष्कार या फिर सामूहिक इस्तीफा देने की चेतावनी भी डॉक्टरों ने दी है।

प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ सेवा संघ ने शासन को अपनी पांच सूत्रीय मांग सौंपी है। जिसमें कोरोना काल के दौरान उनके वेतन से प्रत्येक माह एक दिन के वेतन की कटौती न करने, चिकित्सकों के कार्यों में प्रशासनिक हस्तक्षेप को रोकने, अध्ययनरत पीजी चिकित्सकों को पूर्ण वेतन देने आदि मांगें हैं। संघ का कहना है कि सरकार की ओर से कोई सकारात्मक निर्णय नहीं होने के बाद प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ से जुड़े डॉक्टर एक से सात सितंबर तक काला फीता बांधकर काम करेंगे। मंगलवार को पहले दिन सिविल अस्पताल में डॉक्टरों ने काला फीता बांधकर कार्य किया। एमसीए चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ में संयुक्त सचिव गढ़वाल के पद पर तैनात डॉ. अर्चना वर्मा ने कहा कि अस्पताल में जब किसी मरीज की मौत होती है तो उसका ठीकरा डॉक्टर के सिर फोड़ दिया जाता है। हर डॉक्टर चाहता है कि उसका मरीज स्वस्थ हो। लेकिन मौत के मामले में आरोप डॉक्टर पर लगाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार आरोपों पर भी रोक लगनी चाहिए। सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने कहा कि एक तरफ से हमें कोरोना योद्धा बताया जा रहा है वहीं दूसरी और प्रोत्साहित करने के बजाय उनके वेतन की कटौती भी की जा रही है। इस दौरान सीएमएस डॉ. संजय कंसल , डॉ. अर्चना वर्मा, डॉ. अरविंद कुमार मिश्रा,डॉ. एके श्रीवास्तव, डॉ. रितु खेतान, डॉ. महेश खेतान मौजूद रहे।

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  • Web Title:Doctors worked in black hospitals with black lace