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आईआईटी में दिव्य संपर्क आई-हब अस्तित्व में आया

इस साइबर-भौतिक प्रणाली आधारित प्रौद्योगिकी नवाचार हब का नेतृत्व मनीष आनंद करेंगे। आईआईटी कानपुर के पूर्व...

आईआईटी में दिव्य संपर्क आई-हब अस्तित्व में आया
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,रुडकीWed, 30 Jun 2021 03:30 PM
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आईआईटी रुड़की में दिव्य संपर्क आई-हब रुड़की फॉर डिवाइसेस मैटेरियल्स एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन अस्तित्व में आया। इस साइबर-भौतिक प्रणाली आधारित प्रौद्योगिकी नवाचार हब का नेतृत्व मनीष आनंद करेंगे।

आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र मनीष आनंद भारत और विदेशों में कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ काम कर चुके हैं। दक्षिण कोरिया के ग्वांगजू इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी से मैटेरियल साइंस एंड इंजीनियरिंग में एमएस डिग्री धारक हैं और कोरिया एडवांस्ड इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (केएआईएसटी), सियोल कैंपस से टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन मैनेजमेंट में एमबीए की है। टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब (टीआईएच) की स्थापना नेशनल मिशन ऑन इंटरडिसप्लिनिरी साइबर-फिजिकल सिस्टम के तहत की गई है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से परियोजना के लिए 27.25 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। अगले पांच साल के लिए लगभग 135 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है। दिव्य संपर्क आई-हब आईआईटी रुड़की और विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार की संयुक्त पहल है। इसके तहत परमाणु ऊर्जा, रक्षा अनुसंधान और विकास, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य अनुसंधान, आवास और शहरी मामले, नई और नवीकरणीय ऊर्जा, दूरसंचार और अंतरिक्ष मामले शामिल होंगे। परियोजना निदेशक प्रो. सुदेब दासगुप्ता ने कहा कि यह पहल हमारे देश के भविष्य को आकार देने में मदद करेगी। आईआईटी निदेशक प्रो. अजित चतुर्वेदी ने कहा कि यह ज्ञान के सृजन की सुविधा प्रदान करेगा। स्टार्टअप को प्रोत्साहित करेगा और आईआईटी रुड़की के साथ-साथ देश भर में सहयोग को बढ़ावा देगा।

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