शिविर में नेत्र रोग विशेषज्ञ न होने से निराश लौटे मरीज
रुड़की के सिविल अस्पताल में दिव्यांगजनों के लिए आयोजित शिविर में नेत्र रोग विशेषज्ञ की अनुपस्थिति से दिव्यांगजन निराश लौटे। 50 से अधिक दिव्यांगजन पहुंचे, लेकिन जांच के बिना ही लौटना पड़ा। उन्हें पूर्व में जानकारी नहीं दी गई थी कि कौन चिकित्सक आएगा। केवल हड्डी रोग विशेषज्ञ ने शिविर में भाग लिया।
सिविल अस्पताल रुड़की में मंगलवार को दिव्यांगजनों के लिए लगाए गए शिविर नेत्र रोग विशेषज्ञ के न होने से दिव्यांगजनों को काफी परेशानी हुई। उन्हें बिना जांच के ही निराश लौटना पड़ा। उनका कहना था कि इसकी सूचना पूर्व में दी जानी चाहिए कि कौन चिकित्सक आएगा और कौन अवकाश पर रहेगा। सिविल अस्पताल रुड़की के ड्रग वेयर हाउस में मंगलवार को दिव्यांगजनों के लिए शिविर लगाया गया। इस शिविर में दिव्यांगजनों की जांच के बाद उनकी दिव्यांगता का प्रमाण-पत्र दिया जाता है। शिविर में मंगलवार को 50 से अधिक दिव्यांगजन पहुंचे। इनमें आंखों से दिव्यांग भी पहुंचे, लेकिन शिविर में पहुंचने पर पता चला कि नेत्र रोग विशेषज्ञ शिविर में नहीं आए है।
जिसके चलते दिव्यांगजन काफी समय तक परेशान होते रहे। बाद में पता चला कि नेत्र रोग विशेषज्ञ अवकाश पर है। इस कारण वह शिविर में नहीं आएंगे। इस पर नेत्रों से दिव्यांग लोगों को निराश लौटना पड़ा। एक दिव्यांग के पिता इकबाल का कहना है कि वह भगवानपुर से आए हैं। यहां आकर पता चला कि नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं है। इस कारण अब उन्हें निराश होकर लौटना पड़ेगा। हालांकि हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सतीश कुमार शिविर में मौजूद रहे। शिविर में 37 दिव्यांगजनों की जांच के बाद उन्हें प्रमाण-पत्र जारी किए गए। सीएमएस डॉ. संजय कंसल का कहना है कि नेत्र रोग विशेषज्ञ अवकाश पर थे। इस कारण वह शिविर में नहीं आ पाए।
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