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28 नवंबर, 2020|4:37|IST

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सहकारिता में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया

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आरएसएस से जुड़े संगठन सहकार भारती के जिला महामंत्री पवन भारतीय ने सहकारिता विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विभाग ने नियमों को ताक पर रखकर न केवल समिति कर्मचारियों को सचिव बनाया है, बल्कि उन्हें कैडर फंड से वेतन का भुगतान भी किया है।

सहकार भारती के जिला महामंत्री पवन भारतीय ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हरिद्वार में बड़े स्तर पर सहकारिता को नष्ट करने की साजिश चल रही है। बताया कि समिति में जो एकाउंटेंट, सेल्समैन, लिपिक, चौकीदार, सेवक रखे जाते हैं, वे सभी समिति के अपने कर्मचारी होते हैं। इन्हें वेतन भी समिति के प्रबंधकीय व्यय मद से दिया जाता है। नियमानुसार इनका कोई कैडर नहीं होता, लिहाजा विभाग इनका ट्रांसफर भी नहीं कर सकता। हां समिति प्रबंधन बोर्ड सर्वसम्मति से इनका पटल बदल सकता है। समिति में केवल सचिव कैडर का कर्मचारी होता है। सचिव के आधे पद सीधी भर्ती व बाकी पदोन्नति से भरे जाते हैं। परंतु हरिद्वार में 36 एकाउंटेंट को सचिव बनाकर दूसरी समितियों में स्थानांतरण कर दिया गया। यही नहीं, कैडर कर्मचारी न होते हुए भी इनको कैडर फंड से वेतन भी दिया जा रहा है। बताया कि शिकायत पर विभाग ने चूक तो मानी पर कार्रवाई नहीं की। इस पर वे हाईकोर्ट गए थे। हाईकोर्ट में अभी सुनवाई चल रही है। इस दौरान विभाग ने 19 अन्य कर्मचारियों को भी सचिव बना दिया है। पवन भारतीय ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को नियमविरुद्ध सचिव बनाने में करोड़ों रूपये का लेनदेन हुआ है। बताया कि इसकी शिकायत रजिस्ट्रार से की गई है। उधर, एआर मानसिंह सैनी का कहना है कि सचिव न होने के कारण कुछ जगह एकाउंटेंट को सचिव का चार्ज सौंपा गया है। सचिव आने पर उन्हें मूल पद पर रिवर्ट किया जाएगा।

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  • Web Title:Accused of corruption in cooperatives