
परिवहन कारोबारियों ने किया प्रदर्शन
संक्षेप: उत्तराखंड परिवहन महासंघ के सदस्यों ने बुधवार को यात्रियों के वाहनों पर पांच प्रतिशत वार्षिक टैक्स वृद्धि के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार से मांग की कि टैक्स वृद्धि को तुरंत वापस लिया जाए और अन्य समस्याओं का समाधान किया जाए। महासंघ ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
यात्री वाहनों पर पांच प्रतिशत वार्षिक टैक्स वृद्धि समेत छह सूत्रीय मांगों को लेकर बुधवार को उत्तराखंड परिवहन महासंघ के सदस्यों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अतिशीघ्र मांगें पूरी नहीं होने चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की चेतावनी भी दी। बुधवार सुबह उत्तराखंड परिवहन महासंघ के बैनर तले निजी परिवहन कंपनियों, ऑटो-टेंपो, टैक्सी-मैक्सी, जीप-कमांडर और ट्रक यूनियन के सदस्य दून मार्ग स्थित इंद्रमणि बडोनी चौक पर पहुंचे। उन्होंने टैक्स वृद्धि को गलत बताते हुए एआरटीओ कार्यालय में स्थापित ऑटोमेटिक वाहन टेस्टिंग लेने को अतिशीघ्र शुरू करने समेत अन्य मांगों को दोहराया। महासंघ अध्यक्ष सुधीर राय ने कहा कि कई बार सरकार को लिखित और मौखिक रूप से मांगों के निस्तारण के लिए कहा गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते चक्काजाम करना पड़ा।

कहा कि यह आंदोलन सिर्फ एक दिन के चक्काजाम तक सीमित नहीं है, बल्कि अब इसे चरणबद्ध ढंग से चलाया जाएगा। बताया कि परिवहन सचिव ने वार्ता के दौरान 30 नवंबर तक का समय मांगा था, लेकिन उन्हें 15 दिन का समय मांगों के निस्तारण के लिए दिया गया है। बावजूद, समय रहते मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं की गई तो फिर अनिश्चितकालीन चक्काजाम का भी निर्णय लिया जा सकता है। प्रदर्शनकारियों में टीजीएमओ अध्यक्ष जितेंद्र नेगी, ट्रक यूनियन के अध्यक्ष गजेंद्र नेगी, टेंपो यूनियन मुनिकीरेती अध्यक्ष सुनील कुमार, संजय शास्त्री, दिनेश बहुगुणा, हेमंत डंग, आशुतोष शर्मा, कृष्णा बड़ोनी, सरदार तनवीर सिंह, बिजेंद्र कंडारी, धनेश कंड़ियाल, जसपाल राणा, मेघ सिंह चौहान, अमर सिंह रावत, शक्ति सेमवाल, हरीश रावत, भूपाल सिंह नेगी, टिटू लांबा आदि शामिल रहे।

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