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विद्यार्थियों के समग्र विकास हेतु जीवन कौशल कार्यक्रम जरूरी: कुलपति प्रो. एनके जोशी

विद्यार्थियों के समग्र विकास हेतु जीवन कौशल कार्यक्रम जरूरी: कुलपति प्रो. एनके जोशी

संक्षेप:

श्रीदेव सुमन विवि ऋषिकेश परिसर में बुधवार को सेतु आयोग एवं उच्च शिक्षा विभाग की ओर से तीन दिवसीय फैकल्टी ओरिएंटेशन प्रोग्राम का आयोजन किया गया।

Nov 19, 2025 05:42 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रिषिकेष
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श्रीदेव सुमन विवि ऋषिकेश परिसर में बुधवार को सेतु आयोग एवं उच्च शिक्षा विभाग की ओर से तीन दिवसीय फैकल्टी ओरिएंटेशन प्रोग्राम का आयोजन किया गया, जिसमें देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी और पौड़ी जनपदों के 49 नोडल अधिकारियों एवं प्राध्यापकों ने नई शिक्षा नीति के तहत चलाए जा रहे कौशल आधारित पाठ्यक्रमों की जानकारियां प्राप्त की। श्रीदेव सुमन विवि परिसर ऋषिकेश में वाधवानी फाउंडेशन के सहयोग से जीवन कौशल एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स विषय पर आयोजित फैकल्टी ओरिएंटेशन प्रोग्राम के अंतिम दिन कुलपति प्रो. एनके जोशी ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जीवन कौशल कार्यक्रम वर्तमान समय की प्रमुख शैक्षिक आवश्यकता है, क्योंकि केवल डिग्री अब पर्याप्त नहीं रही।

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विद्यार्थियों को संवाद कौशल, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता, क्रिटिकल थिंकिंग, समय प्रबंधन, समस्या समाधान तथा प्रोफेशनल एटीकेट जैसी क्षमताओं का विकास अनिवार्य है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, अनुशासन और वास्तविक जीवन स्थितियों को प्रभावी ढंग से संभालने की मानसिक तैयारी प्रदान करता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का मूल दर्शन भी इसी दिशा में है, ज्ञान, कौशल और मूल्य आधारित समग्र शिक्षा। हमारा प्रयास है कि विश्वविद्यालय के प्रत्येक विद्यार्थी को शैक्षणिक योग्यता के साथ व्यावहारिक कौशल भी मिले। उत्तराखंड सरकार, सेतु आयोग और उच्च शिक्षा विभाग की ओर से इस कार्यक्रम को प्रदेश के सभी महाविद्यालयों तक पहुंचाने का जो प्रयास किया जा रहा है, वह सराहनीय और दूरदर्शी कदम है। परिसर के निदेशक प्रो. एमएस रावत ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत चलाए जा रहे कौशल आधारित पाठ्यक्रमों, रोजगारपरक पहल तथा विद्यार्थियों को उद्योग उन्मुख बनाने की दिशा में किए जा रहे नवाचारों का उल्लेख किया। कार्यक्रम संयोजक प्रो. डीसी गोस्वामी ने कहा कि तीन दिनों तक चले इस कार्यक्रम में वाधवानी फाउंडेशन की आर्या शिखा ने जीवन कौशल कार्यक्रम के मॉड्यूल, डिजिटल संसाधनों, फैकल्टी स्टूडेंट पंजीकरण प्रक्रिया तथा शिक्षण पद्धति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। आईसीए के निदेशक मुकेश अग्रवाल ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण उच्च शिक्षा में शिक्षकों को आधुनिक शिक्षाशास्त्र और विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को समझने में सहायता प्रदान करते हैं।