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हम जैसा शरीर के लिये सोचते हैं वैसा ही ब्रह्माड के लिये सोचे:मुफ्ती रहमान

हम जैसा शरीर के लिये सोचते हैं वैसा ही ब्रह्माड के लिये सोचे:मुफ्ती रहमान

परमार्थ निकेतन गंगा तट पर शुक्रवार को श्रीराम कथा में रमेश भाई ओझा और असम से आए मौलाना मुफ्ती नसीहुर रहमान, प्रिंसिपल आल जमैतुल इस्लामियां ने भाग लिया। सम्मेलन में सहभाग करने के लिए देशभर से तथा दूसरे देशों से लोग परमार्थ पहुंच रहे हैं। स्वामी चिदानन्द सरस्वती के 65 वर्ष पूर्ण होने पर तीन जून को उनके जन्मदिवस को प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित किया जा रहा है। इस अवसर पर शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है जिसमें भाग लेने अभिनेत्री हेमा मालिनी, प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता विवेक ओबेराय, केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, राज्यपाल डॉ. केके पॉल सहित अन्य लोग पहुंच रहे हैं। श्री रामकथा में स्वामी चिदानन्द महाराज ने कहा कि हम सब साथ-साथ, हाथों में हाथ लेकर स्वच्छता की मुहिम में सहभाग करें। प्रदूषित होती धरती, नदियों एवं पर्यावरण के संरक्षण के लिए मिलकर कोशिश करें। मौलाना मुफ्ती नसीहुर रहमान ने कहा कि ईश्वर ने जिस प्रकार शरीर की रचना की है, उसमें प्रत्येक अंग निश्चित स्थान पर लगाया है। शरीर में भोजन ग्रहण एवं निष्कासन का निश्चित स्थान होता है। उसी प्रकार हमें भी धरती पर प्रदूषकों का निस्तारण निश्चित स्थान पर ही करना चाहिए। हम जैसा शरीर के लिए सोचते हैं वैसा ही ब्रह्माण्ड के लिए सोचें तो स्वच्छता कायम हो सकती है। आचार्य रमेश भाई ओझा ने कहा कि कथा की सार्थकता तभी है, जब श्रोता ग्रहण कर अनुकरण करें। स्वच्छता रूपी कथा के संदेश को आत्मसात कर प्रस्थान करें तो शीघ्र ही हम श्री राम की पंचवटी को पुनः स्थापित कर सकते हैं। कथा व्यास मुरलीधर महाराज को रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया। इस पावन अवसर पर जीवा की अंतरराष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती ने सहभाग किया।

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  • Web Title: Think of Brahmaand as you think for the body: Mufti Rehman