जीवन का दर्पण है श्रीमद भागवत कथा: पंडित गुशलन महाराज
कथा मर्मज्ञ पंडित गुलशन महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा जीवन का दर्पण है। यह अहंकार, द्वेष और मोह को त्यागने का संदेश देती है। कथा के दौरान स्वामी चिदानंद सरस्वती ने इसे जीवन जीने की कला बताया, जो आत्मिक आनंद और शांति का मार्ग दिखाती है।
कथा मर्मज्ञ पंडित गुलशन महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा जीवन का दर्पण है, जो हमें हमारे वास्तविक स्वरूप से परिचित कराता है। जब तक मनुष्य अपने भीतर के अहंकार, द्वेष और मोह को त्याग नहीं करता, तब तक वह सच्चे आनंद और शांति को प्राप्त नहीं कर सकता। शुक्रवार को परमार्थ निकेतन में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास पंडित गुलशन महाराज ने ज्ञानगंगा से श्रद्धालुओं को भावविभोर किया। कहा कि जब हम स्वयं में परिवर्तन लाते हैं, तभी समाज और राष्ट्र में वास्तविक परिवर्तन संभव होता है। श्रीमद् भागवत कथा संस्कार, संस्कृति और चेतना के दिव्य संगम की एक प्रेरणादायक यात्रा है।
कथा में परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कथा व्यास पंडित गुलशन महाराज से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा जीवन जीने की कला है, परमात्मा से जोड़ने का सेतु है। आज के युग में जब जीवन तनाव, असंतुलन और भौतिकता की दौड़ में उलझता जा रहा है, ऐसे में भागवत कथा हमें शांति, संतुलन और आत्मिक आनंद का मार्ग दिखाती है। यह कथा हमें संदेश देती है कि जीवन का वास्तविक उद्देश्य केवल भौतिक उपलब्धियाँ नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति और ईश्वर से जुड़ाव है।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


