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रामायण हमें कर्तव्यनिष्ठ होने का संदेश देती है : स्वामी असंगानन्द

रामायण हमें कर्तव्यनिष्ठ होने का संदेश देती है : स्वामी असंगानन्द

परमार्थ निकेतन में चल रहे सात दिवसीय अखंड रामायण पाठ का विधिवत समापन हो गया। समापन अवसर पर संतों ने श्रद्धालुओं को समय निकालकर मानवता की सेवा करने को प्रेरित किया।

सोमवार को परमार्थ निकेतन में संस्थापक पूज्य स्वामी शुकदेवानन्द सरस्वती महाराज के 54वें निर्वाण महोत्सव पर पर चल रहे सात दिवसीय रामायण पाठ के अंतिम दिन महामंडलेश्वर स्वामी असंगानन्द सरस्वती महाराज ने कहा कि रामायण मनुष्य को मानवता व सत्य की राह के लिए प्रेरित करती है। रामायण हमें कर्तव्यनिष्ठ होने का संदेश देती है। अतः सभी को थोड़ा समय निकालकर मानवता की सेवा में लगाना चाहिए। स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज ने कहा कि जीवन में लोग धन तो बहुत कमा लेते है, परन्तु जीवन को धन्य बनाना भूल जाते है। धनवान वह नहीं जिसकी तिजोरी में धन हो, बल्कि धनवान वह है जिसके जीवन की तिजोरी में मानवता हो, प्रेम हो, इंसानियत हो और ईमानदारी हो। इस दौरान रामायण पाठ के समापन पर भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें संतों व श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

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  • Web Title:Ramayana gives us the message of being devotional Swami Asangananda