
शराब की दुकान के विरोध में आक्रोशित लोगों का प्रदर्शन
मुनिकीरेती के खारास्रोत में अंग्रेजी शराब की दुकान को बंद कराने की मांग को लेकर शनिवार को धरना जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने दुकान के खिलाफ नारेबाजी की और पूर्व मंत्री प्रसाद नैथानी भी आंदोलन में शामिल हुए। लोग प्रशासन की मनमानी के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं और दुकान को हटाने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
मुनिकीरेती स्थित खारास्रोत में अंग्रेजी शराब की दुकान को बंद कराने की मांग को लेकर सातवें दिन शनिवार को भी धरना जारी रहा। आक्रोशित लोगों ने प्रदर्शन करते हुए दुकान को हटाने की मांग दोहराई। कई बार दुकान के पास तैनात आबकारी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से प्रदर्शनकारियों की नोकझोंक भी हुई है, लेकिन दुकान नियमित रूप से संचालित होती दिखी। शनिवार को खारास्रोत में नगर पालिका की पार्किंग में धरनास्थल पर अनशन पर बैठे दिनेश चंद्र मास्टर और विकास रयाल के समर्थन में स्थानीय लोग पहुंचे। उन्होंने शराब की दुकान को बंद कराने की मांग को लेकर नारेबाजी की।

पूर्व मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी भी आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने धरनास्थल पर कहा कि सरकार अब मनमानी पर उतर आई है। अजेंद्र कंडारी की हत्या और स्थानीय लोगों के आक्रोश के बावजूद प्रशासन दुकान के पक्ष में नजर आ रहा है। कहा कि कि इससे सरकार का जनविरोधी चेहरा साफ जाहिर होता है। कहा कि एक अदद शराब की दुकान के लिए सरकार ने सिर्फ पुलिस ही नहीं, बल्कि आबकारी विभाग के अधिकारियों की टीम को यहां तैनात कर दिया है, जो कि शर्मनाक है। पूर्व विधायक ओमगोपाल रावत ने कहा कि शराब की दुकान हटने तक आंदोलन को जारी रखा जाएगा। किसी भी कीमत पर खारास्रोत में शराब की दुकान चलने नहीं दी जाएगी। उन्होंने दुकान बंदी की मांग दोहराते हुए कहा कि प्रशासन के लिखित में आश्वासन देने के बावूजद शराब की दुकान संचालित की जा रही है, जो कि सरकार और प्रशासन को दोहरा चेहरा उजागर करने के लिए काफी है।

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