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चेक बाउंस में एक साल की सजा

चेक बाउंस के मामले में आरोप साबित होने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने आरोपी को एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उधार ली गई 10 लाख की रकम समेत 5 हजार के अर्थदंड की सजा भी सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता संदीप सिंह पयाल ने बताया कि सुनील सिंह रावत पुत्र केसी रावत निवासी राजीवग्राम, निकट नटराज चौक से जान पहचान के चलते मार्च 2013 में परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सत्येंद्र पोखरियाल ने 10 लाख रुपये उधार लिए थे। वादा किया कि कुछ दिन बाद यह रकम उसे लौटा देगा। बताया कि कुछ महीने बाद सुनील ने उससे उधार ली गई रकम का तकादा किया तो सत्येंद्र ने रकम के एवज में एक चेक दे दिया। निर्धारित समय सीमा के बाद चेक बैंक में प्रस्तुत किया तो चेक बाउंस हो गया। पीड़ित ने दबाव बनाया तो वह आनाकानी करने लगा। वकील के माध्यम से नोटिस भी भिजवाए, लेकिन जवाब नहीं मिला। मामला कोर्ट पहुंचा, इसकी अंतिम सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट इंदु शर्मा की अदालत में हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना। आरोप साबित होने पर कोर्ट ने सत्येंद्र पोखरियाल पुत्र अतर सिंह पोखरियाल निवासी गढ़ीमयचक, श्यामपुर को एक साल का कठोर कारावास और उधार ली गई 10 लाख की रकम के साथ पांच हजार के अर्थदंड से दंडित किया। कोर्ट के मुताबिक अर्थदंड में से 10 लाख 4 हजार सुनील को और एक हजार रुपये राजकोष में जमा किए जाएंगे।

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