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144 मेगावाट चीला पावर हाउस से एक सप्ताह बाद ही बिजली उत्पादन शुरू हो पायेगा। पावर हाउस में युद्धस्तर पर मरम्मत का काम चल रहा है। चालीस साल पुरानी टरबाइनों में पहले भी इस तरह का फॉल्ट आ चुका है। नई टरबाइनें लगाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बीते रोज टरबाइन में फॉल्ट आने पर पानी पावर हाउस में घुस गया था। जिस कारण बिजली उत्पादन ठप पड़ा है।शुक्रवार अपराह्न तीन बजे सिल्ट की मात्रा बढ़ने पर टरबाइन संख्या चार का वॉल फटने से पानी पावर हाउस में घुस गया था। इससे दूसरी टरबाइनें भी ट्रिप हो गईं। शनिवार को भी अधिकारी पावर हाउस की मरम्मत में जुटे रहे। परियोजना का निर्माण 1978 में किया गया था। चालीस साल पुरानी टरबाइनें जर्जर हाल में हैं। परियोजना से प्रतिदिन 3 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन होता है। परियोजना के महाप्रबंधक पंकज कुलक्षेष्ठ ने बताया कि टरबाइन के मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। लेकिन फाल्ट अधिक आने के कारण कम से कम एक सप्ताह का समय लग सकता है। बताया कि पुरानी परियोजना होने के कारण पहले भी इस तरह का फाल्ट आ चुका है। पावर हाऊस में अधिक क्षमता की टरबाइनें लगाने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है। फिलहाल बिजली का उत्पादन बंद है।

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  • Web Title: One week after the power plant from Chaila powerhouse