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मेडिकल छात्रों ने ह्दयरोग से पीडित को बचाने के तरीके जाने

मेडिकल छात्रों ने ह्दयरोग से पीडित को बचाने के तरीके जाने

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में मेडिकल छात्रों ने कार्डियक अरेस्ट से बचाव के तरीके जाने। निदेशक एम्स प्रो.रविकांत ने कहा कि संस्थान में कार्यरत सभी कर्मचारियों को बेसिक लाइफ सपोर्ट ट्रेनिंग देकर दक्ष बनाया जा रहा है। इस प्रशिक्षण से एक जिंदगी को बचाया जा सकता है।बुधवार को मेडिकल एजुकेशन विभाग ने वर्ष 2014 एमबीबीएस बैच के छात्र-छात्राओं को कार्डियक अरेस्ट से बचाव के लिए कार्डियो पल्मनरी रिससिटेशन सीपीआर का प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षुओं को हृदयाघात व कार्डियक अरेस्ट के जाने। एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो.रविकांत ने बताया कि आने वाले समय में संस्थान उत्तराखंड के सुदूरवर्ती इलाकों में लोगों को कार्डियक अरेस्ट व प्राथमिक उपचार के लिए प्रशिक्षित करेगा। जीवन अमूल्य है लिहाजा उसे बचाने के लिए बीएलएस ट्रेनिंग जरूरी है। एमबीबीएस व नर्सिंग स्टूडेंट्स को यह ट्रेनिंग कराई गई है। किसी भी व्यक्ति को कार्डियक अरेस्ट हो सकता है। यूएस के विजिटिंग प्रोफेसर डा.सुनील आहूजा व ट्रेनिंग को-ऑर्डिनेटर डा.प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में हृदय असामान्य धड़कन रिद्म विकसित करता है। ऐसे में हार्ट पंप नहीं कर पाता। मौके पर मेडिकल एजुकेशन विभागाध्यक्ष प्रो.शालिनी राव, डा. भरत भूषण, डा.अरुण मोहंती,डा.अरुण बर्गिस, डा.राजेश कुमार, डा.क्रांति रेड्डी, डा.पद्मानिधि, डा.कर्नव जैन,रूपेंद्र देयोल, हेमंत कुमार, जेवियर बेल्सी आदि मौजूद थे।

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  • Web Title: Medical students know ways to save heart from heart disease