हिमालय एवं उसके संसाधनों के संरक्षण पर चर्चा

हिमालय एवं उसके संसाधनों के संरक्षण पर चर्चा

संक्षेप:

ग्रामीण विकास संस्थान एचआईएचटी और स्वामी राम हिमालयन विवि (एचआरएचयू) ने गुरुवार को अंतर्राष्ट्रीय पर्वत दिवस मनाया। इस अवसर पर विशेषज्ञों ने हिमालय के संसाधनों के संरक्षण और पारिस्थितिकी के महत्व पर चर्चा की। कार्यक्रम में पर्वतीय क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।

Dec 11, 2025 06:13 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रिषिकेष
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ग्रामीण विकास संस्थान एचआईएचटी, स्वामी राम हिमालयन विवि (एचआरएचयू) की ओर से गुरुवार को अंतर्राष्ट्रीय पर्वत दिवस मनाया गया, जिसमें विशेषज्ञों ने हिमालय एवं उसके संसाधनों के संरक्षण पर विचार-विमर्श किया। एसआरएचयू के कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल ने हिमालयी ग्लेशियरों को जल, भोजन और आजीविका की आधारशिला बताते हुए उनके संरक्षण को सामाजिक एवं संस्थागत साझा जिम्मेदारी बताया। प्रो. एचपी उनियाल, सलाहकार एसआरएचयू एवं पूर्व निदेशक, राज्य योजना आयोग उत्तराखंड ने पर्वतीय पारितंत्र, उसका महत्व एवं उत्तराखंड द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएं विषय पर वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रस्तुति दी। उन्होंने जैव-विविधता, प्राकृतिक संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।

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थ्रीश कपूर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं संस्थापक द बुरांश फाउंडेशन, कौसानी (अल्मोड़ा) ने पर्वतीय पारितंत्र एवं संरक्षण का महत्व विषय पर प्रेरक प्रस्तुति दी। उनके स्लाइड शो में हिमालयी क्षेत्रों के फोटोग्राफ्स के माध्यम से सतत पर्यटन, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव व समुदाय आधारित संरक्षण मॉडल की प्रभावशाली जानकारी दी गई। कार्यक्रम का समापन डॉ. राजीव बिजलवान, उपनिदेशक आरडीआई के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। नीलम पाण्डेय के संचालन में चले कार्यक्रम में स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी, स्कूल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, स्कूल ऑफ योगा साइंस के डीन, फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे। इस दौरान माउंटेन हिल्स चैंपियंस का सम्मान इस वर्ष कमल नयन जोशी, निर्मला बिजलवान एवं विकास बोरा को पर्वतीय क्षेत्रों में जैव-संरक्षण, जीविकोपार्जन, स्वास्थ्य, सामुदायिक विकास तथा सेवाभाव से किए गए उत्कृष्ट योगदान के दिया गया।