Rishikesh News: बीन के उफान में हथेली पर लोगों की जान
Rishikesh News: पहाड़ों में भारी बारिश से बरसाती बीन नदी उफान पर है। बैराज-चीला-हरिद्वार मार्ग पर नदी का तेज बहाव ग्रामीणों की राह रोक रहा है। इससे हादसे का खतरा बना हुआ है। बीन नदी में उफान से हजारों ग्रामीणों को ऋषिकेश पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।

Rishikesh News: पहाड़ों में भारी बारिश से बरसाती बीन नदी उफान पर है। बैराज-चीला-हरिद्वार मार्ग पर नदी का तेज बहाव ग्रामीणों की राह रोक रहा है। इसके बावजूद कुछ वाहन सवार जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं। इससे हादसे का खतरा बना हुआ है। 18 अगस्त को रात में एक लोडर बीन नदी में बह गया था। चालक समेत दो लोगों को एसडीआरएफ ने कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू किया था। इसके बाद भी लोग नदी पार करने से बाज नहीं आ रहे हैं। गुरुवार को भी कार समेत कई वाहन उफनती नदी को पार करते नजर आए। पुलिस की ओर से तेज बहाव के दौरान आवागमन रोकने की बात कही गई है। एसएसआई प्रकाश पोखरियाल ने बताया कि नदी का बहाव तेज होने पर आवागमन रोक दिया जाता है। नहीं मानने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाती है。
हजारों ग्रामीणों को लगाना पड़ रहा चक्कर
बीन नदी में उफान से यमकेश्वर ब्लॉक के डांडामंडल, तालघाटी, चीला और गंगा भोगपुर क्षेत्र के दर्जनों गांव प्रभावित हैं। हजारों ग्रामीणों को ऋषिकेश पहुंचने के लिए हरिद्वार होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। इससे एम्स समेत ऋषिकेश के अन्य संस्थानों तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है।
40 फीसदी पुल निर्माण पूरा
बैराज-चीला-हरिद्वार मार्ग पर बीन नदी दशकों से ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। नदी पर पुल बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। इसी वर्ष मार्च से पीडब्ल्यूडी दुगड्डा डिविजन ने पुल का निर्माण शुरू किया है। करीब 23 करोड़ रुपये की लागत से 150 मीटर लंबा और 12 मीटर चौड़ा पुल बनाया जा रहा है। अधिशासी अभियंता निर्भय सिंह ने बताया कि पुल का 40 फीसदी निर्माण पूरा हो चुका है। फरवरी 2027 तक काम पूरा करने का लक्ष्य है।
चेतावनी निशान के करीब पहुंची गंगा
गंगा का जलस्तर भी पिछले दो दिन से चेतावनी निशान के करीब बना हुआ है। बुधवार को गंगा 339.50 मीटर के चेतावनी निशान से महज 10 सेंटीमीटर नीचे बह रही थी। गुरुवार को जलस्तर 339.45 मीटर दर्ज किया गया। गंगा चेतावनी निशान से पांच सेंटीमीटर नीचे रही। बढ़ते जलस्तर से गंगाघाट जलमग्न रहे। आसपास की आबादी में भी चिंता बनी रही। एसडीआरएफ और जल पुलिस के जवान गंगा के जलस्तर पर नजर रखे रहे।


