हनुमान चालीसा से गूंजा परमार्थ निकेतन
परमार्थ निकेतन में हनुमान जन्मोत्सव 'कुबेर का खजाना' का आयोजन हुआ। तीन दिवसीय इस महोत्सव में श्रद्धालुओं ने हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का सामूहिक पाठ किया। स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि हनुमान विनम्रता और सेवा के प्रतीक हैं। सभी प्रतिभागियों को रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया गया।

परमार्थ निकेतन में हनुमान जन्मोत्सव पर “कुबेर का खजाना” तीन दिवसीय आध्यात्मिक महोत्सव हुआ। कार्यकम में “प्रतिदिन हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड का सामूहिक पाठ हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने पूर्ण आस्था और समर्पण के साथ सहभागिता की। शुक्रवार को परमार्थ निकेतन में परमार्थ सेवा समिति मुम्बई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय हनुमान जन्मोत्सव कुबेर का खजाना कार्यक्रम के अंतिम दिन क्षेत्र जय श्री राम और हनुमान चालीसा के मंत्रों से गूंज उठा। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि हनुमान केवल शक्ति और पराक्रम के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वे विनम्रता, सेवा और पूर्ण समर्पण के जीवंत आदर्श हैं।
हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेकर अपने भीतर की शक्ति को पहचानना और समाज के कल्याण में लगाना होगा। इस दौरान स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज और डा. साध्वी भगवती सरस्वती के सान्निध्य में महोत्सव में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने सहभाग कर भक्ति, सेवा और संस्कार का अद्भुत संगम अनुभव किया। सभी प्रतिभागियों को स्वामी चिदानंद सरस्वती ने रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया।
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