Exclusive love like Shri Ram and Bharat is essential in life Swami Krishnacharya - जीवन में श्रीराम और भरत के समान अनन्य प्रेम जरूरी: स्वामी कृष्णाचार्य DA Image
7 दिसंबर, 2019|4:44|IST

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जीवन में श्रीराम और भरत के समान अनन्य प्रेम जरूरी: स्वामी कृष्णाचार्य

जीवन में श्रीराम और भरत के समान अनन्य प्रेम जरूरी: स्वामी कृष्णाचार्य

कथा मर्मज्ञ स्वामी कृष्णाचार्य महाराज ने कहा कि जीवन में राम और भरत के समान अनन्य प्रेम जरूरी है। ज्ञान, भक्ति और त्याग इन तीनों के बिना मानव जीवन अधूरा है।

रविवार को दून मार्ग स्थित तुलसी मानस मंदिर में रामायण प्रचार समिति के वार्षिकोत्सव के सातवें दिन कथा वाचक उत्तराखंड पीठाधीश्वर स्वामी कृष्णाचार्य महाराज ने कहा कि ज्ञान, भक्ति व त्याग इन तीनों के बिना मानव जीवन अधूरा है। राम वनवास का वृतांत सुनाते हुए कहा कि धर्म परायण भरत का राजपाट त्याग करना अटूट भक्ति का पर्याय है। जीवन में राम और भरत के समान अनन्य प्रेम जरूरी है। श्रीराम, सीता और लक्ष्मण ही ज्ञान, भक्ति और त्याग के प्रतीक हैं। उन्होंने धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। रामायण हमें मर्यादा में रहकर काम करना व अपने आदर्शों को समाज में प्रेषित करना सिखाती है। मौके पर संस्था के अध्यक्ष पंडित रवि शास्त्री, राजीव लोचन, मनमोहन शर्मा, केशव सेमवाल, राजेश थपलियाल, जयश्री बहुगुणा, प्रीति सेमवाल, कलावती थपलियाल, संजय कुकरेती, नरेंद्र मैठाणी, अनूप रावत, राम चौबे, अभिषेक शर्मा, अनिरुद्ध, रघुवेंद्र मोहन, राजीव अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, अमिताभ, तनुज अरोड़ा, नीलकमल अरोड़ा, आशु पाहवा, राजकुमार अग्रवाल, मदन मोहन शर्मा आदि उपस्थित थे।

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